तेज प्रताप यादव ने रश्मिरथी के सहारे निकाला गुस्सा, कहा – दुर्योधन वह भी दे ना सका

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ी करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं. उन्होंने आज शनिवार की रात एक बार फिर ट्वीट किया है. उनका यह ट्वीट वर्तमान राजनीतिक हलचल पर प्रहार जान पड़ता है, लेकिन खुद तेज प्रताप और राजद की अंदरूनी हलचल पर भी उनके गुस्से को बयान कर रहा है. तेज प्रताप यादव ने अपने इस ताजा ट्वीट में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना रश्मिरथी की पंक्तियों को उद्धृत किया है.

यह पंक्तियां रश्मिरथी में संकलित ‘कृष्ण की चेतावनी’ से ली गई हैं. तेज प्रताप ने लिखा है –

दुर्योधन वह भी दे ना सका,

आशीष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला,

जो था असाध्य, साधने चला.

जब नाश मनुज पर छाता है,

पहले विवेक मर जाता है.

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तेज प्रताप यादव ने इसके साथ महाभारत के ऐतिहासिक युद्ध से संबंधित एक फोटो भी पोस्ट की है, जिसमें सारथी बने कृष्ण योद्धा अर्जुन के रथ की बागडोर संभाले हैं. विदित हो कि तेज प्रताप हमेशा खुद को कृष्ण और तेजस्वी को अपना अर्जुन बताते रहे हैं.

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तेज प्रताप के इस ट्वीट के निहितार्थ को समझें तो यह सीधे-सीधे उनलोगों पर प्रहार है, जिन्होंने आज शिवहर लोकसभा सीट पर राजद की ओर से कैंडिडेट फाइनल किया है. राजद ने शिवहर से पत्रकार सैयद फैसल अली को अपना कैंडिडेट बनाया है. तेज प्रताप ने पहले इस सीट पर अपनी दावेदारी जताते हुए अंगेश कुमार को टिकट दिए जाने की मांग की थी.

बीते कुछ दिनों की हलचल पर गौर करें तो यह साफ़ है कि राजद में अभी भी तेज प्रताप को लेकर सब कुछ ठीक नहीं है. इससे पहले भी तेज प्रताप यादव ने छात्र राजद के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था. तब भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शायराना अंदाज में किये पोस्ट में कहा था – नादान है वह लोग जो मुझे नादान समझते हैं… कौन कितना पानी में है सब की खबर है मुझे.

इससे पहले आज शनिवार को ही ऐसी ख़बरें आयीं कि तवज प्रताप राजद छोड़कर किसी अन्य पार्टी में जाने वाले हैं. उनकी एक तस्वीर भी सामने आई जिसमें वे किसी पार्टी का चुनाव चिन्ह लिए दिख रहे हैं. लेकिन बाद में उन्होंने फिर क्लियर किया कि वे कहीं नहीं जा रहे, बल्कि राजद में ही हैं.