पटना : बिहार के एक्स डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का बंगला खाली करने का मामला दिनों-दिन तूल पकड़ता जा रहा है. आज शनिवार को तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह राजनीति का स्तर है कि कभी सुरक्षा कभी बंगला. उन्होंने कहा कि कैबिनेट में विपक्ष का नेता होने के कारण मेरे भी स्टेट्स हैं. सुशील मोदी को जो बंगला आवंटित किया गया है, वो पहले मुझे आवंटित किया गया था. जब मैंने बंगला खाली नहीं किया तो किसी वह किसी अन्य को कैसे दिया जा सकता है.

मेरी भी अपनी पहचान है – तेजस्वी यादव

तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि कभी सुरक्षा हटाई जाती है तो कभी बंगला खाली करने का आदेश दिया जाता है. नेता प्रतिपक्ष के नाते मेरी भी अपनी पहचान है. मेरा स्टेटस भी कैबिनेट मिनिस्टर जैसा ही है. सुशील मोदी का बंगला जो मुझे दिया गया, वो अब मुझसे लेना चाहते हैं. जब यह खाली नहीं है तो वो कैसे ले सकते हैं? उसमें मेरा अॉफिस है, जो बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री होने के नाते मेरा है.

आपको बता दें कि उल्लेखनीय है कि इससे पहले 20 अप्रैल को भवन निर्माण विभाग ने तेजस्वी का बंगला खाली करने के लिए जिला प्रशासन को एक खत लिखा. इस खत में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि अगर तेजस्वी यादव शांति प्रक्रिया से बंगला नहीं खाली करते हैं तो, प्रशासनिक अधिकारी बल का प्रयोग कर सकते हैं.

10 अप्रैल को भेजा गया था तेजस्वी को नोटिस

जानकारी के मुताबिक भवन निर्मण विभाग की ओर से 10 अप्रैल को तेजस्वी को बंगला खाली करने का आदेश दिया गया था. भवन निर्माण विभाग की ओर से कहा गया था कि बिहार का उपमुख्यमंत्री होने के नाते यह बंगला सुशील मोदी को आंवटित किया जाना चाहिए.

शक्ति यादव ने बताया सरकार को तानाशाह

इस मुद्दे पर एक बार फिर प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. आरजेडी नेता शक्ति यादव ने इसे नीतीश सरकार की तानाशाही बताया है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से नेता प्रतिपक्ष को मंत्री का दर्जा मिला हुआ है. यह बंगला मंत्री को आवंटित होता है.