जब-जब मांझी बोले, सत्ता की नैया डोले; एनडीए-महागठबंधन के बीच ‘हिचकोले’ खा रही बिहार की पॉलिटिक्स

लाइव सिटीज, राजेश ठाकुर : बिहार (Bihar) की पॉलिटिक्स (Politics) ऊंट की तरह है, किस करवट बैठेगी, पहले से कोई अंदाजा नहीं रहता है. कल तक एक-दूसरे को गलियाने वाले नेता दूसरे दिन गलबहियां करते नजर आते हैं. इसके एक नहीं, ढेरों उदाहरण हैं. इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा बिहार के सियासी गलियारे (Political Corridor) में देखने को मिल रहा है. अभी एनडीए (NDA) में शामिल घटक दल हम (HAM) पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) सुर्खियों में हैं. वे इन दिनों लगातार एनडीए में शामिल बीजेपी (BJP) के खिलाफ आग उगल रहे हैं और बीजेपी नेता भी उन पर हमलावर बने हुए हैं.

आज शुक्रवार (Friday) को तो और भी चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. दरअसल, आरजेडी प्रमुख लालू यादव (RJD Chief Lalu Yadav) आज 73 साल के हो गए. आरजेडी (RJD) उनका 74वां जन्मदिन मना रहा है. पटना (Patna) से लेकर दिल्ली (Delhi) तक में उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. इन सबके बीच सबसे चौंकाने वाला यह रहा है कि एनडीए खेमे से सबसे पहले हम पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी ने लालू यादव को जन्मदिन (Lalu Yadav Birthday) की बधाई दी. लेकिन, इससे भी अधिक लालू के बड़े लाल तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) ने चौंका दिया. वे सीधे मांझी से मिलने उनके आवास पहुंच गए.

मीडिया के साथ पॉलिटिकल कॉरिडोर में यह खबर आग की तरह फैली. जीतनराम मांझी और तेजप्रताप के बीच बंद कमरे में लगभग आधे घंटे तक बात हुई. उन दोनों के बीच क्या बात हुई, इस पर मंथन शुरू हो गया है. हालांकि, इस ‘खास मिलन’ के बाद दोनों नेता मीडिया के सामने आए और रटा-रटाया जबाव दिया. दोनों नेताओं ने कहा कि यह राजनीतिक मुलाकात नहीं थी. गैरराजनीतिक संगठन बनाने पर बात हुई है. इस तरह की बातें व मुलाकातें तमाम नेताओं के बीच होती रहनी चाहिए. इसके कोई मायने नहीं निकालें, यह केवल शिष्टाचार मुलाकात है.

जीतनराम मांझी ने तमाम बातों के बीच बड़े ही साफगोई से स्वीकार किया कि हमने आरजेडी प्रमुख लालू यादव को ट्विटर पर बधाई दी है, साथ ही उन्हें दूरभाष पर भी हमने बधाई दी है. इससे ज्यादा कोई बात नहीं हुई है. हालांकि, मीडिया ने उनसे पूछा कि आप दोनों की इस मुलाकात के बाद एनडीए खेमे में धुकधुकी बढ़ गई है. इस पर मांझी ने कहा, ‘अब कहां धुकधुकी बढ़ी है या नहीं बढ़ी है, यह आपलोग ज्यादा जानते हैं.’

गौरतलब है कि एनडीए में रहते हुए जीतनराम मांझी पिछले तीन दिनों से बीजेपी पर इशारों ही इशारों पर लगातार हमला कर रहे हैं. दरअसल, पूर्णिया में दलित के घर जलाने को लेकर बीजेपी ने अपनी ही सरकार पर तंज कसा. इस पर मांझी सरकार के बचाव में आ गए. उन्होंने दो टूक कहा, पूर्णिया की घटना के बाद वहां के मुस्लिम समाज के लोगों ने दलित समाज के भाइयों के पक्ष में खड़े रहकर बता दिया कि सूबे के दलित-मुस्लिम एकजुट हैं. दलित-मुस्लिम एकता से जिन लोगों के पेट में दर्द हो रहा है, वही बिहार सरकार के उपर उंगली उठा रहे हैं. बिहार में क़ानून अपना काम कर रहा है.’

नए मामला बांका में मदरसा बम ब्लास्ट है. इस पर बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बाचौल ने विवादित बयान ​देते हुए कहा कि पूरे बिहार में मदरसा को बंद कर देना चाहिए. वहां आतंकी की ट्रेनिंग दी जाती है. हालांकि, इसका जेडीयू ने भी विरोध किया, लेकिन इस पर भी जीतनराम मांझी का बड़ा बयान आया. गुरुवार को किये गये ट्वीट में मांझी ने लिखा- ‘गरीब दलित जब आगे बढ़े तो नक्सली, गरीब मुसलमान जब मदरसे में पढ़े तो आतंकी, भाई साहब ऐसी मानसिकता से बाहर निकलिए, यह राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए ठीक नहीं.’

इतना ही नहीं, इन दिनों जीतनराम मांझी एनडीए में कॉर्डिनेशन कमेटी की मांग जोर-शोर से उठा रहे हैं. वे कॉर्डिनेशन कमेटी बनाने की मांग कर रहे हैं. आपको याद होगा कि जीतनराम मांझी जब महागठबंधन में थे, तो वहां भी वे यही मांग कर रहे थे. इसी मांग को लेकर आरजेडी से मतभेद हुआ. बाद में महागठबंधन को बाय-बाय कर दिया. लेकिन अब एक बार सामने में कॉर्डिनेशन कमेटी की मांग है. हालांकि, बिहार के पॉलिटिकल कॉरिडोर में कब-क्या हो जाए, कहना मुश्किल है. घटनाक्रम के बदलते देर नहीं लगती है. बहरहाल, आरजेडी खेमा जीतनराम मांझी की लालू यादव से बात और तेजप्रताप यादव से मुलाकात को लेकर गदगद है. सूत्रों की मानें तो बस थोड़ा इंतजार का मजा लीजिए…!