किसानों के उन्मुक्त उत्पाद बेचने के बिहार मॉडल को पूरा देश अपनाने जा रहा है:-सुशील मोदी

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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : किसानों के उन्मुक्त उत्पाद बेचने के बिहार मॉडल को पूरा देश अपनाने जा रहा है. डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने प्रेस रिलिज जारी कर कहा है कि जिस APMC (बाजार समिति) एक्ट को संशोधित करने की दूसरे राज्यों में पहल हो रही है. उसे बिहार ने 15 साल पहले संशोधित कर किसानों को बिचौलियों से मुक्त करने का काम किया है. बिहार देश का पहला राज्य है जिसके मॉडल को अब पूरा देश अपनाने जा रहा है.

प्रेस रिलिज के माध्यम से डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि 15 साल पहले आरजेडी कांग्रेस के भारी विरोध के बावजूद एनडीए की सरकार ने एपीएमसी (बाजार समिति )एक्ट को निरस्त कर दिया. ताकी किसानों को बिचौलियों का दंश नहीं झेलना पड़े.



बाजार समितियों को सालाना 70 करोड़ की आमदनी होती थी, लेकिन बिचौलियों के शोषण से किसान परेशान थे. लेकिन जबसे बिहार में इस एक्ट को निरस्त किया गया तब से प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत पहुंची. एक्ट की खामियों का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले किसान लाइसेंसधारियों को ही अपने उत्पाद बेचने और मंडी शुल्क देने के लिए बाध्य थे.

राज्य सरकार आने वाले दिनों में कानट्रैक्ट फार्मिंग को प्रोत्साहित करेगी, बाजार समिति परिसर में आधारभूत संरचना को विकसित किया जाएगा, साथ ही किसानों को ई-प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हे इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग की सुविधा देगी. ई-डिस्पले पर वे अपने उत्पादों के मूल्य को देख और बेच सकेंगे. इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा. 

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि बाजार समिति एक्ट को निरस्त करने से किसानों की आमदनी में इजाफा हुआ है. कोविड-19 संकट के दौरान भी आईटीसी ने किसानों से सीधे 20 हजार टन गेहूं की खरीद की है. वही जीविका से जुड़े किसान उत्पादक संगठन 10 हजार मे. टन मक्का की खरीद करेगा. जिसमें से 6 हजार मे. टन की खरीद कर चुका है.

वहीं सुशील मोदी ने यहा भी बताया कि ‘देहात’ जैसे संगठन से जुड़े दो लाख किसान प्रतिदिन 8 से 10 मे. टन सब्जी बेचते हैं. इरगोस जैसी कम्पनी अपने 69 गोदामों के जरिए 87 हजार किसानों को 38 हजार मे. टन भंडारण की सुविधा देती है. दर्जनों कंपनियां बिहार के किसानों से सीधे अनानास, स्ट्राबेरी, लीची, मखाना, अनाज, सब्जी आदि उत्पादों को बाजार मूल्य पर खरीद रही हैं.