पूर्व सीएम मांझी की यह ख्वाहिश रह गई अधूरी, अब कभी नहीं होगी पूरी, जानें पूरा मामला

लाइव सिटीज पटना: NDTV के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का 61 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया. उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली. कमाल खान को हार्ट अटैक आया जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. कमाल खान के निधन से पत्रकारिता जगत ही नहीं बल्कि राजनीतिक जगत भी सदमे में है.

कमाल खान के निधन पर यूपी सीएम से लेकर मायावती, सपा, कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल और नेताओं ने दुख जताया है. बिहार के कई नेता भी वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक जता चुके हैं. हालांकि बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री व हम के अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) को इस बात का मलाल है कि अब कभी उनसे मुलाकात नहीं हो पाएगी.

कमाल खान के निधन पर दुख जताते हुए जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा कि मैं जब मुख्यमंत्री बना तो बधाई देने वाले पत्रकारों में सबसे पहला फोन कमाल खान साहब का आया था, आप कमाल के थें कमाल साहब. सोचा था उत्तर प्रदेश जाउंगा तो वहां के उम्दा पत्रकार कमाल खान साहब से भी मुलाकात होगी, पर खुदा को शायद मंजूर ना था. अल्लाह आपको जन्नत-उल-फिरदौस में उंचा मुकाम दें.

बता दें कि सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करने पर एनडीए में घमासान मचा हुआ है. बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री व हम के अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) भी इस विवाद में कूद पड़े हैं. मांझी ने सम्राट अशोक को पिछड़ा बताया है और उन्‍होंने उनके अपमान के विरोध में दिल्‍ली में जंतर-मंतर पर 17 जनवरी को आंदोलन करने की बात कही है.

बतातें चलें कि यूपी के सीएम योगी आदि‍त्‍यनाथ द्वारा एक दलित के घर भोजन करने पर बिना नाम लिए हमला बोला है. जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर लिखा है कि चुनाव आया तो कई दलों के नेता दलित-आदिवासी परिवारों के घरों में भोजन करने जाएंगे. उनके विकास का हिस्‍सा खाने वालों, आखिर कब तक हमारे लोगों का निवाला छीनोगे.