बेतिया के सरकारी अस्पताल में नहीं हो रहा AES का इलाज, डॉक्टर ने लगाई परिजन को फटकार

लाइव सिटीज, बेतिया : बिहार में चमकी बुखार यानी AES का कहर जारी है. इस बीमारी से अब तक सूबे में करीब 148 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है. सरकार बच्चों के बचाने के लिए तमाम दावे और घोषणा कर रही है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. ताजा मामला बेतिया का है. जहां अनुमंडल अस्पताल के डॉक्टर ने एक चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे का इलाज का इलाज करने से मना कर दिया.

हॉस्पिटल में चमकी बुखार के मरीज का इलाज नहीं इस बात को सुनकर पिता अपने बच्चे को गोद में लिए छाती पीटने लगा.

मामला बेतिया के अनुमंडल अस्पताल का है जो इलाके में नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल से मशहूर है. जहाँ के बेड पर एक पिता अपने बच्चे को गोद मे लिए छाती पीटता रहा. जब इस बच्चे को डॉक्टर ने जैसे ही कहा कि यहाँ पर इलाज संभव नहीं इसे चमकी बुखार हो गया है. बाहर ले जाना पड़ेगा तब ऐसी हालत इस पिता की हो गई जिसे देख अन्य मरीज में सनसनी फैल गई.

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वहीँ इस बुखार का इलाज कैसे हो पाएगा इस सवाल पर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी शिव कुमार भड़क गए और अपने रूम में लंबी लंबी सीढ़ियों पर पग भरते हुए मीडिया को भाग जाने का आदेश देते रहे.

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