खगौल : जब ‘कब्रिस्तान’ में ‘दफन होने के डर से उठ खड़ा हुआ मुर्दा’ तो खूब बजी तालियां

लाइव सिटीज, खगौल (अजीत) : नाट्य संस्था मंथन कला परिषद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन एन सी घोष सामुदायिक भवन परिसर में दो नाटक कब्रिस्तान और पागल प्रस्तुत किया गया.  महोत्सव का उदघाटन वरीय रंगकर्मी प्रमोद त्रिपाठी, पत्रकार सुधीर मधुकर व अमरजीत शर्मा ने संयुक्त रूप से किया.

आर्टिस्ट एसोसिएशन आफ बंगाल, कुल्टी की ओर से सलाउद्दीन ताज लिखित नाटक की शुरुआत कब्रिस्तान के दृश्य से होती है. लोग ओपनिंग के लिए एमपी महोदय के आने का इंतजार कर रहे हैं. तभी एमपी महोदय यह शर्त रखते हैं कि ओपनिंग के समय एक मुर्दे का होना जरूरी है. समय पर कोई मुर्दा नहीं मिलने पर लोग हसन मियां को राजी कर लेते हैं कि ओपनिंग के बाद उनको सही सलामत कब्र से निकाल लिया जायेगा. परन्तु ऐन मौके पर हसन मियां दफन होने के डर से उठ खड़े होते हैं.

इसपर एमपी भड़ककर आग बबूला हो जाता है और बोलता है कि अगर हमें पता होता तो मुहल्ले में दंगे करवा देता. दो-चार मुर्दे का इंतजाम आसानी से हो जाता. अगर नहीं होता है तो किसी हिंदू को ही लेकर आओ. हसरत मियां इसका विरोध करते हैं, लोग उन्हें मारने लगते हैं….. हसरत चीखते हुए कहते हैं – मारो ….खत्म कर दो मुझे…. कर लो कब्रिस्तान की ओपनिंग. पर भाईचारे, शांति, अमन की बलि पर मजहब की सौदेबाजी मत करो, नहीं तो एक दिन हिंदुस्तान खत्म हो जायेगा…कहते-कहते वह दम तोड़ देता है और कब्रिस्तान की ओपनिंग होता है.

निर्देशक जानिसार अख्तर, सैय्यद तनवीर इमाम,  मो. साहिद अंसारी, मो. निजाम अंसारी, सुमित मुखर्जी, महेंद्र सिंह, संजय कुमार सिंह, मो. साजिद हुसैन, मो. नवाब खान व मो. इकबाल हक ने बेहतरीन अभिनय किया.

आज की दूसरी प्रस्तुति प्रबोध जोशी लिखित नाटक का मंचन सम्पूर्ण कल्याण विकास समिति, खगौल की ओर से ज्ञानी प्रसाद के निर्देशन में किया गया. नाटक के माध्यम से संघर्षरत अभिनेताओं की व्यथा-कथा को दर्शाया गया है, जो स्टारडम की चकाचौंध में खुद को जिंदगी की दौड़ में हाँफते नजर आते हैं. लेकिन एक दिन उनकी अजीबोगरीब उत्कृष्ट अभिनय को देखकर फिल्म का डायरेक्टर उन्हें अपनी फिल्म में चांस देकर उनके प्रतिभा को कुंठित होने से बचा लेता है. पागल नाटक हास्य व्यंग्य से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया.

कलाकारों में मिथिलेश पांडेय, प्रशांत कुमार, सूरज कुमार,ललित किशोर प्रणामी, सुरेश कुमार विश्वकर्मा, अम्बिका प्रसाद सिन्हा, संजित कुमार गुप्ता, विजय सिन्हा व संगीत सुबोध कुमार श्रीवास्तव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे.

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