उपेंद्र कुशवाहा का हमला : PU को बख्श दें नीतीश जी… छात्र संघ चुनाव जीतकर PM नहीं बन जाएंगे

लाइव सिटीज डेस्क : रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के तेवर कम नहीं हो रहे हैं. वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार बरस रहे हैं. दोनों के बीच ‘नीच’ पॉलिटिक्स से जो राजनीतिक बखेड़ा शुरू हुआ है, वह धीरे-धीरे अब चरम पर आ गया है. इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा हमले पर हमले कर रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने शिक्षा, क्राइम के बाद अब पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर उन पर निशाना साधा है. उन्होंने यह भी कह दिया है कि पीयू छात्र संघ चुनाव जीतकर क्या नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बन जाएंगे.

दरअसल पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर बिहार में सियासत तेज है. पॉलिटिकल नहीं होते हुए भी अब यह चुनाव पूरी तरह सियासी हो गया है. छात्र वामदल समेत भाजयुमो, एबीवीपी, छात्र जदयू, छात्र राजद, एनएसयूआई, जनअधिकार परिषद तो चुनाव में दमखम लगाए हुए हैं ही, पीछे से राजनीतिक पार्टियां भी मदद कर रही हैं.

मामला तब शुरू हो गया, जब पीयू छात्र संघ चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद भी जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पीयू के वीसी रासबिहारी सिंह से मुलाकात की. मामला जब बढ़ा, तो प्रशांत किशोर ने सफाई दी कि वे अपने चाचा के काम से मिलने गये थे. भाजयुमो ने इसे गंभीरता से लिया. उसके प्रतिनिधि मंडल ने आनन-फानन में राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राज्यपाल ने भी मामले को गंभीरता से लिया है.

अब इस लड़ाई में रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी कूद पड़े हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को ट्वीट किया है और इसमें उन्होंने नीतीश कुमार पर खुलकर हमला किया है. कुशवाहा ने ट्वीट में लिखा है कि ‘गौरवशाली पटना विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र हूं. विश्वविद्यालय की गरिमा व छात्रों की छवि धूमिल होते देखना दुखद है. जनाब! छात्रसंघ चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर ‘पुलिस- प्रशासन-विश्वविद्यालय’ सबको दंडवत करा दिया. इतनी फजीहत कराकर जीत भी गये तो प्रधानमंत्री बन जायेंगे?

उन्होंने आगे लिखा है कि ‘छात्रसंघ का चुनाव छात्रों का है. PU के छात्र-छात्राएं मासूम व संवेदनशील हैं, उन्हें बख्श दें. छात्रों को राजनीतिक स्वार्थ में गुमराह कर उनके भविष्य से खिलवाड़ न करें. छात्रों के बीच वैचारिक द्वंद्व को आपराधिक रंग देना ठीक नहीं. लिंगदोह रिपोर्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. छात्र संघ चुनाव में सत्ता व सत्ताधारी दल की ताकत का महादुरुपयोग व्यक्ति के अहंकार की पराकाष्ठा है. ऐसा अहंकार तो इतिहास में हमेशा ही सर्वनाश का कारण साबित हुआ है.’

उपेंद्र कुशवाहा ने इसी ट्वीट के अंत में लिखा है कि ‘माननीय मुख्यमंत्री जी, आनेवाली पीढ़ी कैसे विश्वास करेगी कि आप भी उसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं?’ बहरहाल पीयू छात्र संघ का चुनाव पूरी तरह तूल पकड़ लिया है. चुनाव प्रचार थम चुके हैं. कैंडिडेट व उनके समर्थक अब वोटरों के पास सोशल मीडिया के माध्यम से मैसेज पहुंचा रहे हैं. उनसे वोट देने की अपील कर रहे हैं. बता दें कि 5 दिसंबर को इसकी वोटिंग और काउंटिंग दोनों हैं.

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