मोतिहारी पर रालोसपा में धर्म युद्ध की स्थिति, अंत में किधर खड़े होंगे उपेंद्र कुशवाहा

उपेन्द्र कुशवाहा (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, मोतिहारी : महागठबंधन में मोतिहारी लोक सभा की सीट रालोसपा के खाते में गई है. उम्‍मीदवारी का एलान नहीं हुआ है. सो, कंफ्यूजन बहुत है. एनडीए के कैंडिडेट राधामोहन सिंह चुनाव प्रचार शुरु कर चुके हैं. सो, चुनाव प्रचार में महागठबंधन अभी पिछड़ती दिख रही है. रालोसपा की अंदरुनी खबर रखने वाले कह रहे हैं कि मोतिहारी को लेकर महागठबंधन में धर्म युद्ध की स्थिति है. पता नहीं, उपेंद्र कुशवाहा क्‍या करेंगे.

रालोसपा में बस इतना कंफर्म है कि मोतिहारी से कोई भूमिहार प्रत्‍याशी ही मैदान में होगा. पहले तो माधव आनंद का नाम तय हो गया था. खुद उपेंद्र कुशवाहा ने मोतिहारी के वोटरों को इस बात के सिग्‍नल कई दफे दिए. माधब आनंद रालोसपा की सेवा में लंबी अवधि से लगे हैं. आज सोशल मीडिया पर रालोसपा की जो धमक दिखाई पड़ती है, वह माधव आनंद एंड टीम की देन ही बताई जाती है.

लोकसभा चुनाव: दरभंगा से कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद का टिकट कटा, सिद्दीकी होंगे उम्मीदवार !

उपेंद्र कुशवाहा के निर्देश पर ही माधब आनंद ने मोतिहारी में कैंप किया. लंबा अभियान चलाया. बूथ लेवल तक कमेटी बना दी गई. पर, अब सब कुछ फंसा दिया गया है. कुशवाहा की प्रतिज्ञा का क्‍या होगा, किसी को पता नहीं चल पा रहा है. मोतिहारी को लेकर रालोसपा में बखेड़ा पहले भी हो चुका है. प्रदीप मिश्रा का प्रकरण सबों को पता है.

धर्म युद्ध की स्थिति इस कारण है कि महागठबंधन में शामिल दूसरी बड़ी पार्टी के नेता अपने बेटे के लिए रालोसपा से टिकट चाह रहे हैं. वे इसके लिए दबाव बनाए हैं. हालांकि नेताजी को ऐसा करने के लिए अपनी ही पार्टी से मना किया जा रहा है. पर, उपेंद्र कुशवाहा दुविधा में फंसे हैं.

अब मोतिहारी इस बात का इंतजार कर रहा है कि महागठबंधन कब उम्‍मीदवार घोषित करता है. तभी पता चलेगा कि अपनी ही पार्टी के नेता को चुनाव लड़ाने की प्रतिज्ञा उपेंद्र कुशवाहा ने बरकरार रखी या दूसरी पार्टी के नेताजी के लिए तोड़ दी.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*