उपेन्द्र कुशवाहा ने उठायी मांग – सांप्रदायिक टीवी डिबेट्स का बायकाट करें पार्टियां

upendra-kushwaha2
उपेन्द्र कुशवाहा (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने समाचार चैनलों पर होने वाली सांप्रदायिक बहसों के बाय़काट का फैसला लिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को लेटर लिखा है. अपने लेटर में उन्होंने कहा है कि कई समाचार चैनल आरएसएस और भाजपा का एजंडा चला रहे हैं, जो देश के लिए गंभीर खतरा है. उपेन्द्र कुशवाहा से पहले बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी ऐसा ही लेटर देश भर के 24 नेताओं-पार्टियों को लिखा था.

पार्टी के राष्ट्रीय़ महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने इस संबंध में बताया कि कुशवाहा ने कांग्रेस अध्यक्ष सहित समान विचारधारा वाले दलों को पत्र लिख कर कहा है कि वे भी अपने प्रवक्ताओं को इस तरह की बहस में हिस्सा लेने नहीं भेजें.

विपक्षी नेताओं को चैनल डिबेट में जाने से रोकना चाहते हैं तेजस्वी, 24 दलों को लिखा पत्र

उपेंद्र कुशवाहा ने राहुल गांधी के अलावा राजद नेता तेजस्वी यादव, हम प्रमुख जीतनराम मांझी, वीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश साहनी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्रपदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शरद यादव, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, जेडीएस के एचडी देवेगौड़ा को अलग-अलग संबोधित करते हुए लेटर लिखा है.

क्या है लेटर में?

उक्त लेटर में उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा है कि पिछले कुछ सालों और खास कर कुछ महीनों से समाचार चैनलों की भूमिका लगातार सवालों में है. समाचार चैनलों में जिस तरह की बहसें हो रहीं हैं और एंकरों का रवैया विपक्षी दलों के साथ जिस तरह का रहता है, वह चैनलों की विश्वसनीयता पर तो सवाल उठाता ही है, चैनलों की भूमिका भी इससे संदिग्ध दिखने लगती है.

उन्होंने कहा – ऐसा लगता है कि समाचार चैनल आरएसएस और भाजपा के एजेंडे को अपने जरिए आगे बढ़ाने में लगे हैं. यह देश के सामने गंभीर सवाल है. चैनल मूल मुद्दों से भटका कर मंदिर-मस्जिद, देशभक्त-देशद्रोह और हिंदू-मुसलमान जैसे मुद्दों को उछाल कर उन्माद फैलाने में लगे हैं. विपक्षी दलों को इस खेल में उलझाने की लगातार कोशिश की जा रही है. हमें इससे बचना चाहिए.

लेटर में आगे कहा गया है – रालोसपा सामाजिक न्याय की पक्षधर है. विपक्षी दलों के लिए भी यह बेहद संवेदनशील विषय है. हमारा लक्ष्य राजनीतिक मंचों पर समाज के दबे-कुचले. पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित-महादलित, अकलियत, आदिवासी और वंचितों की आवाज को शिद्दत से उठाना है.

हम रोजगार, युवाओं, किसानों और सामजाकि मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करते रहे हैं. लेकिन चैनल और भाजपा व आरएसएस इन मुद्दों की बजाय छद्म राष्ट्रवाद और हिंदू-मुसलमान की बहसों में उलझाने की लगातार कोशिश कर रही है. हमें इनसे सावधान रहने की जरूरत है. इसलिए हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इन मुद्दों पर होने वाले टीवी बहसों का हम बॉयकाट करें. हमें इन मुद्दों पर बातचीत के लिए अपने प्रवक्ताओं को भेजने से परहेज करना चाहिए.

रालोसपा ने फैसला किया है कि वे इन मुद्दों पर होने वाले बहसों से दूर रहेगी. सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर होने वाली बहसों में पार्टी जरूर हिस्सा लेगी. आशा करता हूं कि आप इस मसले पर गंभीरता से विचार करेंगे और टीवी चैनलों पर होने वाले नफरत भरे विषयों पर होने वाली बहसों से अपने को दूर रखेंगे. देशहित के लिए ऐसा करना जरूरी है.

About Anjani Pandey 808 Articles
I write on Politics, Crime and everything else.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*