लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : NDA के सहयोगी रालोसपा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से टशन जानी-पहचानी बात है. हाल में कई मौकों पर कुशवाहा ऐसी बातें करते रहे हैं, जिससे पता चलता है कि नीतीश कुमार का NDA में वापस आना उन्हें खल रहा है. गाहे-बगाहे यह भी चर्चा होती रही है कि वे 2019 के आम चुनाव से पहले NDA का साथ भी छोड़ सकते हैं. लेकिन अभी तक कुशवाहा ने NDA छोड़ने वाली बातों को अफवाह ही बताया है.

बीते दिनों न्यूज़ 18 चैनल को दिए इंटरव्यू में कुशवाहा ने नीतीश कुमार के बारे में खुलकर कहा था कि उन्हें अब बिहार का मुख्यमंत्री पद त्याग देना चाहिए। अब बीबीसी को दिए दूसरे इंटरव्यू में कुशवाहा ने अपनी बातों को थोड़ा और विस्तार दिया है. इस सवाल पर कि क्या नीतीश कुमार से उनकी कोई नाराजगी है, या कोई कठिनाई है, उन्होंने कहा कि ये बिलकुल ग़लत है. मैं बिलकुल सहज हूं. कहीं कोई कठिनाई नहीं है.

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पोलिटिकल जानकार यह कहते रहे हैं कि कुशवाहा को बड़ी समस्या नीतीश कुमार के NDA में आने के बाद टिकटों के बंटवारे को लेकर है. यह साफ़ है कि अब भाजपा-लोजपा और रालोसपा को बिहार की 40 लोकसभा सीटों में लड़ने के लिए कम सीटें मिलेंगी। बीबीसी के इस बारे में सवाल पूछने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बारे में एनडीए नेताओं की मीटिंग में जब बात होगी, उसमें हम अपनी बात रखेंगे. किस रूप में अपनी बात रखेंगे, ये उस वक्त की बात होगी.

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बीबीसी के इंटरव्यू में मुख्य सवाल कि नीतीश कुमार को लेकर उनके दिए गए बयान का क्या मतलब निकाला जाए, पर उन्होंने कहा कि हमने कहा ज़रूर है, लेकिन किसी दूसरे अर्थ में कहा है. नीतीश जी मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल पूरा होने पर 15 साल पूरा करेंगे. उनका जो खुद का व्यक्तित्व है, जिसे हम नज़दीक से जानते हैं, उसके आधार पर हमने कहा कि मुझे लगता है कि नीतीश जी खुद ही मुख्यमंत्री पद का दावा छोड़ देंगे. इसमें राजनीति की बात नहीं है, ये जितना मैं उन्हें जानता हूं, उसके आधार पर मेरा मानना है.

कुशवाहा का कहना है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कोई भी हो सकता है. लेकिन कौन होगा, इस सवाल पर वे कुछ साफ़ नहीं कहते हैं. हां, इतना जरूर कहते हैं कि बिहार के विधानसभा चुनावों में जीत NDA की ही होगी.