कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे): जिले के चैनपुर थाना अंतर्गत सिकंदरपुर गांव में सरस्वती पूजा जुलूस के दौरान हुए विवाद को लेकर तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा था. इस मामले में चैनपुर पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करते हुए 37-37 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था. इसी मामले में शुक्रवार की देर रात पुलिस ने सिकंदरपुर गांव से गिरफ्तारी अभियान चलाया.

पुलिस की यह कार्रवाई रात के 2:30 बजे से लेकर चार बजे सुबह तक हुई, जिसका नेतृत्व एवं खोजबीन एसडीपीओ अजय प्रसाद कर रहे थे. पुलिस केस कार्रवाई में चैनपुर के अलावे थाना दुर्गावती तथा भगवानपुर भभुआ की पुलिस भी शामिल थी.  इस दौरान सिकंदरपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अनिल सिंह पटेल, अर्जुन पासी, भोला चौरसिया, उमराव पांडे, बाली गोण तथा दूसरे पक्ष से रफीक खा भुट्टो कालिफ खान व कैसर अली को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस के इस कार्रवाई से गुस्साए सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह चैनपुर थाने को घेर लिया. ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है. ग्रामीणों का आरोप था कि पूर्व में एक नामित व्यक्ति को आरोपित होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाई तथा निर्दोष लोगों को मामले में फंसा कर जेल भेज रही है.

आपको बता दें कि इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर आवाज उठाई है. वहीं, पुलिस कुछ कहने से कोसों दूर है. यही नहीं एसपी से टेलीफोन द्वारा बातचीत करने के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. पब्लिक के द्वारा निराधार आरोप लगाया जा रहा है, जिसकी छानबीन गहनता से पुलिस कर रही है.