बिहार पंचायत चुनाव 2021 : घूंघट-बुर्का इस बार नहीं आएगा काम, नहीं कर पाएंगे बोगस वोटिंग; पकड़े जाने पर कहीं के नहीं रहेंगे

लाइव सिटीज, राजेश ठाकुर : बिहार पंचायत चुनाव 2021 अब दहलीज पर पहुंच गया. 11 चरणों में चुनाव होना है. पहले चरण का चुनाव कल शुक्रवार 24 सितंबर को होगा. इस बार इवीएम व बैलेट बॉक्स दोनों स्तर से वोटिंग होगी. मतदान केंद्रों पर इवीएम से लेकर बैलेट बॉक्स तक भेजे जाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है. लेकिन सबसे खास बात कि इस बार कोई भी व्यक्ति बोगस वोटिंग नहीं कर पाएगा. इसके लिए बायोमैट्रिक मशीन लगायी जाएगी.

राज्य निर्वाचन आयोग ने बोगस वोटिंग रोकने के लिए इस बार पूरी तरह कृतसंकल्पित हैं. चाहे पुरुष हो या महिला, वह घूंघट डाल लें, ओढ़नी ओढ़ लें या फिर बुर्का पहन लें, लेकिन इस बार उनकी होशियारी नहीं चलेगी. वैसे लोग किसी भी कीमत पर बोगस बोटिंग नहीं कर पाएंगे. निर्वाचन आयोग ने ठोक-बजाकर इसका ऐलान भी कर दिया कि इस बार बोगस वोटिंग हर हाल में नहीं होगी. ऐसा करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे लेकर मतदान मैप भी जारी किया है. इसमें बताया कि कोई भी संबंधित वोटर किस प्रकार अपना वोट डाल सकेंगे. उसे कितने टेबुलों से गुजरना पड़ेगा, कौन-कौन अधिकारी जांचेंगे, सिक्योरिटी के कितने लेयर से गुजरनेे के बाद उन्हें वोट डालने दिया जाएगा. खास बात कि सारे सुरक्षा चक्र के पहले वोटर को कोरोना गाइडलाइन का भी अनिवार्य रूप से पालन करना होगा.

इस संबंध में पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बायोमेट्रिक मशीन और टेबलेट के साथ बूथों पर तकनीकी कर्मी तैनात रहेंगे. यदि कोई वोटर किसी भी बूथ पर दोबारा मत डालने के लिए आते हैं, तो सिस्टम उस व्यक्ति की तुरंत पहचान कर लेगा. उसे बोगस वोटर के रूप में चिह्नित कर उसके द्वारा पूर्व में किए गए वोटिंग के विवरण के साथ मशीन तुरंत अलर्ट कर देगी. इतना ही नहीं, बोगस वोटिंग करने वाले वोटर पक​ड़े जाएंगे और उस पर बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 130 (9) के अंतर्गत एक्शन लिया जाएगा.

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी मतदान मैप को इस तरह समझें