डीपीओ स्थापना ने डीईओ के भ्रष्टाचार का किया खुलासा,कहा- गायब रहने वाले शिक्षक को करते थे भुगतान

नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर समंजन

बेगूसराय(सुधांशु पाठक) : अपने विवादित कारनामे को लेकर डीईओ कार्यालय हमेशा चर्चा में रहता है. लेकिन उसी कार्यालय के डीपीओ स्थापना की ओर से डीईओ श्यामबाबू राम के क्रियाकलाप का खुलासा चौंकाने वाला है. डीपीओ स्थापना नसीम अहमद ने डीईओ के द्वारा बरती गयी अनियमितता की शिकायत क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक से की है. शिकायत के साथ प्रमाण के तौर पर साक्ष्य को भी संलग्न किया गया है.

यदि मामले की गंभीरतापूर्वक जांच हो तो डीईओ श्यामबाबू राम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. गौरतलब है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं व मटिहानी विधायक नरेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर विभागीय निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से पहले से ही जांच चल रही है. पत्र में डीपीओ स्थापना ने खुलासा किया है कि बिना सूचना एक वर्ष तक गायब शिक्षक का भुगतान आठ लाख रुपये से अधिक का किया गया.

डीडीओ बरौनी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक पोलेंद्र राय को अनुपस्थित बताकर मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहा. लेकिन तत्कालीन डीपीओ श्यामबाबू राम ने बीईओ द्वारा निर्गत अनुपस्थिति विवरणी को ही आधार मानकर भुगतान का आदेश दे दिया. डीडीओ के उस मासिक अनुपस्थिति विवरणी को नजरंदाज किया गया, जिसमें पोलेंद्र राय को प्रत्येक माह अनुपस्थित दर्शाया गया है. डीपीओ स्थापना ने डीईओ की ओर इशारा करते हुए कहा है कि विभाग में काम करने वाले अधिकारी को डिमोरलाइज करने के लिए शिक्षक संगठन के साथ षड्यंत्र कर आंदोलन कराते हैं.

विभागीय नियमों का उल्लंघन कर नियोजित शिक्षक व शिक्षिकाओं का बड़े पैमाने पर सामंजन किया गया है. इसमें त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की शक्ति का हनन किया गया है. सामंजन के नाम पर मैट्रिक प्रशिक्षित वेतनमान के नियमित शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ 34500 संवर्ग के शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी बिना होमवर्क किये सामंजन कर दिया गया.

मृत नियोजित शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह राशि के भुगतान में भी विभागीय नियमों की अनदेखी की गयी. योजना व लेखा कार्यालय से निर्गत उपस्कर व प्रयोगशाला मद की राशि 30 लाख रुपए का विचलन डीईओ के द्वारा किया गया. उन प्लस टू स्कूलों को भी इस मद की राशि दी गयी, जिन्हें नहीं दी जानी थी.

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*