अंकिता लोखंडे ने सुशांत सिंह राजपूत का पुराना वीडियो किया पोस्ट, पैराग्लाइडिंग करते दिख रहे हैं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: सुशांत सिंह राजपूत के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों ने 14 जून को उनके निधन के बाद दिवंगत अभिनेता को याद करने के लिए सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं.

अब, अभिनेत्री अंकिता लोखंडे ने सुशांत के साथ अपनी छुट्टियों के एक पुराने वीडियो को साझा करके अपनी यादों को ताजा किया. अपनी मृत्यु के बाद पहली बार, अंकिता ने उन दोनों को शामिल करते हुए एक पल साझा किया है.





View this post on Instagram








 How beautifully expressed and written nats ❤️❤️ adi thanku so much for the memories ❤️ #Sushant u will be missed by all of us and all of ur fans 🖐 #keepflying #Repost @natasha_sharma_redij with @make_repost ・・・ काश तूने ये उड़ान भरी ही ना होती यार मेरे ,यां फ़िर काश तू जुड़ा रहता उन सब से जो तुझे तेरी जड़ों से जोड़े रखते थे. यूं तो शायद इतना तुझे याद ना करते हम यार , क्यूंकि तू मसरूफ था, खुश दिखता था खुद की चुनी हुई नयी दिलचस्प गलियों मे, हम भी तेरे यार खुश थे तुझे ऊंचा उड़ता देख कर. इस तरह तुझे खो देने का इल्म होता अगर, तो तुझे ये उड़ान भरने ही ना देते हम यार.क्यूंकि जब तू यहाँ ज़मीन पर था हम यारों के साथ, हस्ते थे हम, गाते भी थे, किस्से एक दूसरे को सुनाते भी थे. क्या हुआ जो ये हस्ता हुआ सपनो को यूं जीता हुआ यार मेरा फ़िर कभी ना हसेगा, ना रोयेगा फ़िर कभी ना जिएगा बस सोयेगा. उसकी इस नींद को सुकून दे या रब #truthshallprevail #justiceforsushantsinghrajput #memories #sushant #Helovedadventures #Manwithavision #manwithdreams This video was recorded by @adittyaredij On one of our vacation together @lokhandeankita your voice pierced through my heart 💔
A post shared by Ankita Lokhande (@lokhandeankita) on Sep 1, 2020 at 7:27am PDT
इंस्टाग्राम पर, अंकिता ने अभिनेता के पैराग्लाइडिंग के एक वीडियो को रीपोस्ट किया. वीडियो को पहली बार अभिनेत्री नताशा शर्मा रेडिज द्वारा पोस्ट किया गया था.
अंकिता के वीडियो के साथ कविता है, काश तूने ये उड़ान भरी ही ना होती यार मेरे, या फ़िर काश तू जुड़ा रहता उन सब से जो तुझे तेरी जड़ों से जोड़े रखते थे. यूं तो शायद इतना तुझे याद ना करते हम यार, क्यूंकि तू मशरूफ था, खुश दिखता था खुद की चुनी हुई नयी दिलचस्प गलियों में, हम भी तेरे यार खुश थे. तुझे ऊंचा उड़ता देखकर. इस तरह तुझे खो देने का इल्म होता अगर, तो तुझे ये उड़ान भरने ही ना देते हम यार, क्यूंकि जब तू यहां ज़मीन पर था हम यारों के साथ, हसते थे हम, गाते भी थे, किस्से एक -दूसरे को सुनाते भी थे. क्या हुआ जो ये हसत हुआ सपनों को यूं जीता हुआ यार मेरा फिर कभी ना हंसेगा, ना रोयेगा फिर कभी ना जिएगा बस सोयेगा। उसकी इस नींद को सुकून दे या रब.