लकड़ी और कोयला बेचने वाला एक व्यापारी जो बन गया संत, जानें आसाराम बापू की कहानी

लाइव सिटीज डेस्क : सोशल मीडिया पर आसाराम बापू के खिलाफ लगे रेप चार्ज को फेक बताया जा रहा है. राजस्थान पुलिस ने हाई कोर्ट से अपील की है कि फैसला 25 अप्रैल की जगह 17 अप्रैल को सुनाया जाए. ऐसा करने से शहर में लॉ एंड ऑर्डर सिचुएशन कंट्रोल करना आसान होगा. आसाराम बापू का परिवार मूलतः सिंध, पाकिस्तान के जाम नवाज अली तहसील का रहनेवाला था. उनका जन्म नाम असुमल थाउमल हरपलानी था.

बंटवारे के बाद उनका परिवार अहमदाबाद में आकर बसा था. उनके पिता लकड़ी और कोयले का व्यापार करते थे. ‘संत आसाराम बापूजी की जीवन झांकी’ टाइटल वाली इनकी ऑटोबायोग्राफी के मुताबिक इन्होंने सिर्फ तीसरी क्लास तक पढ़ाई की थी. पिता के निधन के बाद इन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी. इन्हें भी कुछ दिन लकड़ी और कोयले का व्यापार संभालना पड़ा था, लेकिन इन्हें बिजनेस रास नहीं आया.

शादी से 8 दिन पहले भाग गए थे घर से

15 साल की उम्र में ये अपना घर छोड़कर भारुच स्थित एक आश्रम में आ गए थे. इनकी ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक लक्ष्मी देवी से शादी से महज 8 दिन पहले ये घर से भागे थे. हालांकि, बाद में इनकी शादी भी हुई.

भारुच में इन्होंने लीलाशाह नाम के स्पिरिचुअल गुरु से दीक्षा ली. दीक्षा से पहले खुद को साबित करने के लिए इन्हें 40 दिन तक साधना करनी पड़ी थी. दीक्षा के बाद लीलाशाह ने इनका नाम आसाराम बापू रखा था.

ऐसे खड़ा किया था 2300 करोड़ का साम्राज्य

जून 2016 में आयकर विभाग ने इनकी 2300 करोड़ रुपए से ज्यादा की अघोषित संपत्ति उजागर की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्होंने लगभग 400 ट्रस्ट बनाए थे, जिनके जरिए ये पूरे साम्राज्य पर नियंत्रण रखते थे. इन ट्रस्ट्स में भक्तों का पैसा जमा होता था. पॉपुलारिटी बढ़ने के साथ ही आसाराम ने भक्तों द्वारा दिए चंदे के पैसों से अपने ब्रांड की पत्रिकाएं, प्रार्थना पुस्तकें, सीडी, साबुन, धूपबत्ती आदि बेचना शुरू किया था.

यही नहीं, आश्रम के नाम पर कई एकड़ जमीन हड़पी गई, जिससे इनका खजाना लगातार बढ़ता गया. आश्रम से प्रकाशित दो पत्रिकाओं ऋषिप्रसाद और लोक कल्याण सेतु की 14 लाख कॉपी मंथली बिकती थीं, जिनसे सालाना 10 करोड़ रुपए के आसपास रकम आती थी.

‘भक्तों’ में शामिल रहे कई VVIP

आसाराम बापू के अनुयायियों में सिर्फ आम जनता ही नहीं, वीवीआईपी भी शामिल रहे. पूर्व मध्य प्रदेश चीफ मिनिस्टर उमा भारती और छत्तीसगढ़ के रमन सिंह उनके फॉलोअर रहे. राजस्थान के अशोक गहलोत और पीएम नरेंद्र मोदी भी उन्हें काफी मानते थे. मोदी आसाराम के अहमदाबाद स्थित आश्रम भी विजिट कर चुके हैं.

किसने लगाया था आरोप

आसाराम बापू पर पहली बार सेक्शुअल असॉल्ट का केस आश्रम की एक लड़की ने लगाया था. लड़की के मुताबिक जोधपुर के मनई गांव स्थित आश्रम में आसाराम ने उसके साथ ज्यादती की थी. इस केस में आसाराम 31 अगस्त 2013 से जेल में हैं. उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट लगा है. विक्टिम के वकील पीसी सोलंकी के मुताबिक आसाराम को न्यूनतम 10 साल जेल की सजा हो सकती है.

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