OMG! प्लेन में दिए गए खानों में ज्यादा नमक का इस्तेमाल होता है, लेकिन बदल जाता है खाने का टेस्ट

लाइव सिटीज डेस्क : क्या आप कभी प्लेन में बैठे हैं? अगर बैठे हैं तो भी सही और नहीं बैठे हैं तो भी यह खबर आपके लिए है. आज हम आपको एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं. भारत की सबसे पुरानी एयरलाइन टाटा एयरलाइन है. इसकी शुरूआत जेआरडी टाटा ने साल 1932 में की थी. उसके बाद 1946 में इसे ही बदलकर एयर इंडिया किया गया था.

1999 में इंटरनेट और ऑनलाइन चैक इन की शुरूआत करने वाली पहली एयरलाइन अलास्का एयरलाइन थी.



सिंगापुर एयरलाइन एक साल में तकरीबन 700 मिलियन डॉलर सिर्फ खाने पर खर्च करती है. इसमें से 16 मिलियन डॉलर सिर्फ वाइन पर खर्च किए जाते हैं.

 कमर्शियल फ्लाइट की रफ्तार करीब 800 किलोमीटर प्रतिघंटा

आपको जानकार हैरानी होगी कि एक कमर्शियल फ्लाइट की औसत रफ्तार करीब 800 किलोमीटर प्रतिघंटा है.

प्लेन में लगे मास्क करीब 15 मिनट तक ऑक्सीजन की सप्लाई कर सकते हैं. यही नहीं हवाई सफर के दौरान हमारा स्वाद बदल जाता है.

एयरलाइंस में दिए गए खानों में ज़्यादा नमक का इस्तेमाल

एयरलाइंस में दिए गए खानों में ज़्यादा नमक का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन दबाव ज्यादा होने की वजह से हमें स्वाद में इसका पता नहीं चलता है.

महीने में 1 करोड़ से अधिक लोगों ने हवाई यात्रा की

भारत के घरेलू हवाई यात्रियों ने फेस्टिवल सीजन में नया रेकॉर्ड बना दिया. डीजीसीए के मुताबिक अक्टूबर में 1.04 करोड़ लोगों ने देश में कहीं आने-जाने के लिए विमानों का उपयोग किया. ऐसा अब तक 2 बार हुआ है जब किसी महीने में 1 करोड़ से अधिक लोगों ने हवाई यात्रा की.

पिछले कुछ समय में हुई हाई-प्रोफाइल हवाई दुर्घटनाओं के बावजूद आंकड़ों के लिहाज से हवाई सफ़र करना इन दिनों सबसे सुरक्षित है.

टेस्ट उड़ानों के दौरान हवाई जहाज के डैने 90 डिग्री से मोड़े जा सकते हैं. हालांकि इससे संतुलन थोड़ा जरूर बिगड़ता है.