ये भाई पूरा दिन पत्थर तोड़कर छोटी बहन का भरता है पेट, कहता है- मुझे बहन को पढ़ाना है

लाइव सिटीज डेस्क : नन्हे हाथों में पूरा दिन पत्थर तोडने का दर्द होता है, लेकिन फिर भी कभी मां को आंसू नहीं दिखाए. पूरा दिन काम करने के बाद उसका मरहम बनती है उसकी छोटी बहन की मासूम सी शरारतें.

11 साल के इस भाई और बेटे की कहानी



11 साल के इस भाई और बेटे की कहानी सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे. 11साल का राहत अपनी मां के साथ पत्थर तोड़ता था. उसके साथ उसकी छोटी सी बहन भी होती है. लेकिन मां के बीमार रहने के बाद से वो अकेला ही अपने परिवार का पेट भरने का जिम्मा उठा लिया है. पत्थर तोड़कर जब उसका लंच टाइम होता है तो अपनी बहन के साथ खेलता है.

पहली बार अपनी मां के साथ काम पर गया

पहली बार जब वो अपनी मां के साथ काम पर गया था. उस दिन उसके हाथ में बहुत दर्द हुआ. लेकिन उसने अपनी मां को नहीं बताया. क्योंकि उसे पता है कि ना तो उन्हें आसानी से काम मिलेगा ना ही खाने को.

बहन के लिए केला और अंड़ा खरीदता है

100 पत्थर तोड़ने के बाद उसे 50टका (बांग्लादेशी मुद्रा) मिलते हैं. जिससे वो अपनी भूख ना मिटाकर अपनी बहन के लिए केला और अंड़ा खरीदता है. उसने अपनी बहन का नाम ब्रिस्टी रखा है, क्योंकि जिस दिन उसका जन्म हुआ था, उस दिन बहुत बारिश हुई थी.

बहन के बड़ी होने पर उसे खूब पढ़ाएगा

राहत कहता है कि वो अपनी बहन के बड़ी होने पर उसे खूब पढ़ाएगा. उसे ऐसा कोई काम करने नहीं देगा जिससे उसे कभी दर्द हो. राहत की तरह और भी ना जाने कितने ऐसे बच्चे है जो सरकार पर सवाल खड़े करते हैं.