टॉयलेट में लगा रखी थी देवी-देवताओं की तस्वीरें, बिहार की इस लड़की ने किया विरोध तो मांगनी पड़ी मांफी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में एक लड़की ने न्यूयॉर्क के एक टॉयलेट में लगी हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीरों को दिखाया था. हिन्दू देवी-देवताओं के इस कदर अपमान को सोसल मीडिया पर लाने वाली लड़की कहीं और की नहीं बल्की बिहार की रहने वाली हैं.

बिहार की अंकिता ने उठाया था ये कदम

आपको बता दें कि इस वीडियो को उतारनेवाली अंकिता मिश्रा बिहार के सहरसा जिले की रहनेवाली हैं.अंकिता ने जब इस नजारे को देखा तो वे बेहद दंग रह गई. उन्होंने इसे लेकर ‘संस्था हाउस ऑफ यस’ के खिलाफ ब्लॉग लिखकर अपना विरोध भी प्रकट कर दिया है. अंकिता के इस कदम के कारण ही संस्था ने माफी मांगते हुए अपनी ओर से खेद प्रकट कर तस्वीरें हटाने की बात कही है.

 

अंकिता सहरसा के नवहट्टा प्रखंड के चैनपुर की रहने वाली हैं. उनके पिता का नाम डॉ. विनोद कुमार मिश्र है.अंकिता मिश्रा न्यूयॉर्क में रूबिन म्यूजियम ऑफ आर्ट में टीचर हैं. न्यूयॉर्क के एक टॉयलेट में लगी हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीरों वाला वीडियो अंकिता ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट और ब्राउन गर्ल नाम की एक साइट पर ब्लॉग में लिखा कि पिछले सप्ताह शेयर किया था.

वे अपने दोस्तों के साथ न्यूयॉर्क स्थित हाउस ऑफ यस नाइट क्लब गई थीं. जहां उन्होने ये नजारा देखा था. अंकिता के अनुसार यहां के वीआइपी टॉयलेट की दीवारों पर हिन्दू देवी-देवताओं जिनमें गणेश, सरस्वती, काली और शिव की तस्वीरें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा कि वे टॉयलेट में इन तस्वीरों को देखकर काफी आहत हुई थी. उन्होंने मेल के जरिए संस्था को इस बारे में बताया कि उनका ये कदम हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है.

क्लब ने मांगी माफी, किया जाएगा रिडिजाइन

अंकिता मिश्रा की शिकायत के बाद हाउस ऑफ यस नाइट क्लब के सह-संस्थापक और क्रिएटिव डायरेक्टर के बर्क ने मेल पर इसके लिए माफी मांगी। बर्क ने लिखा कि टायॅलेट की दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की पेंटिग्स बनाने की पूरी जिम्मेदारी मेरी है.

टॉयलेट में इन तस्वीरों को लेकर क्लब ने अपनी ओर से माफी मांगते डिजाइनर ने कहा है कि मैं क्षमा चाहता हूं कि हिंदू संस्कृति के इतिहास के बारे में पूरी तरह जानें बिना मैंने टॉयलेट में इस तरह की सजावट की. मुझे बहुत दुख है कि आपको हाउस ऑफ यस पब में अपनी संस्कृति के अपमान का अनुभव हुआ. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जल्द से जल्द देवी-देवताओं की तस्वीरों को हटाया जाएगा.

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