Brand Bihar : पटना के अविरल ने बनाई ऐसी डिवाइस, NASA भी कर रहा तारीफ़

पटना (शिल्पी सिंह) : पटना के लाल अविरल चंद्रा ने अपनी उपलब्धि से बिहार का नाम रोशन किया है. उन्होंने ऐसा डिवाइस बनाया है, जिससे छिपायी गयी सामग्रियों को ट्रैक किया जा सकता है. इस डिवाइस से घरों, गोदामों, कारखानों के साथ ही कोयलरीज़ के अंदर रखे सामान का भी पता लगाया जा सकता है. फिलहाल अविरल अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में रह रहे हैं.

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रेलवे बोर्ड में पोस्टेड एके चंद्रा के पुत्र अविरल चंद्रा आईआईटी मुंबई का पास आउट स्टूडेंट हैं. उन्होंने पटना के डीपीएस से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की है. उनका यह डिवाइस जीपीएस सिस्टम का नया वर्जन है. अविरल की मानें तो उन्होंने अमेरिका में सेन्स लैब में लगातार तीन साल तक इस पर काम किया, तब जाकर यह डिवाइस तैयार हुआ. खास बात है कि इसकी लागत भी काफी कम है.

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क्या खास है इस डिवाइस में

इस डिवाइस ने खास कर सेना को काफी मदद मिलेगी. जम्मू-कश्मीर में इस डिवाइस की मदद से सेना को आतंकियों के खिलाफ बम आदि को ट्रैक करने में मदद मिलेगी. इससे घुसपैठियों के बारे में भी पता लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, गोदामों में या भूमि के अंदर छिपा कर रखी संपत्ति के बारे में जानकारी भी इससे मिल सकती है. इसके अलावा दुकानों या स्टोर हाउस के अंदर भी छिपा कर रखे गये सामान के बारे में पता चल जायेगा.

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कहां से मिली प्रेरणा

अविरल हमेशा से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुछ नया बनाने के बारे में भावुक रहते थे. यह सपना स्कूली दिनों से ही उनके मन में था. लगातार मेहनत के बाद आखिर इसमें उन्हें सफलता मिली. अविरल के अनुसार इस डिवाइस से प्राचीन व दुर्लभ सामानों को भी ढूढ़ा जा सकता है. इस दृष्टिकोण से यह डिवाइस राष्ट्रीय और रक्षा संग्रहालयों के लिए वरदान साबित होगा. वैसे सामानों को ट्रैक करने में अधिकारियों को आसानी होगी.

क्या उद्देश्य था इस अविष्कार के पीछे

अविरल के मुताबिक नये ट्रैकिंग डिवाइस के आविष्कार के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्टार्टअप इंडिया अभियान है. उनके अभियान को को बढ़ावा देने के उद्देश्य से है क्योंकि इससे उभरते उद्यमियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरणा मिलेगी.

नासा ने की है अविरल की प्रशंसा

बिहार के लाल अविरल चंद्रा के इस टैलेंट की प्रशंसा नासा ने भी की है. अंतरिक्ष इंजीनियरिंग अनुसंधान परियोजना के वैज्ञानिक डॉ नागराज ने कहा कि ऐसे प्रभावी और उपयोगी ट्रैकिंग डिवाइस की खोज कर अविरल ने एक रिकॉर्ड बनाया है. इसके लिए अविरल की जितनी प्रशंसा की जाये, वह कम होगी. इतना ही नहीं नासा ने अविरल की पूरी टीम की प्रशंसा की है.

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