गजब डांस करता है 7 साल का ‘बिहारी’ प्रीतम, देख कृष्णा-मोना भी हैं दंग

Pritam1

पटना/कटिहार : कहते हैं प्रतिभा किसी परिचय का मोहताज नहीं होता है. उन्हें किसी सहारे की जरूरत नहीं होती है. किसी माध्यम की भी नहीं. वह अपनी राह खुद बना लेता है और परिस्थितियां भी उसके अनुकूल हो जाती हैं. आज हम अतुल्य प्रतिभा के धनी जिस ‘प्रीतम’ से आपका परिचय कराने जा रहे हैं उसकी कहानी को जान आपको इस बात पर यकीन हो जाएगा.

studio11

सात साल का यह नन्हा बच्चा हमारे और आपके बीच का ही है. इसके ‘इंडिया बनेगा मंच’ रियलिटी शो के विभिन्न चरणों से गुजरकर अब फाइनल तक पहुंचने की कहानी में अजीब रोमांच है. आपको पता है कि इस नन्हीं—सी जान की उम्र अभी महज 7 वर्ष है. लेकिन कहते हैं न कि इस बच्चे में बहुत जान है. बेहद प्रतिभासंपन्न.

परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. लेकिन गरीबी के आगे कभी भी इसकी प्रतिभा नतमस्तक नहीं हुई. गजब का डांसर है. इसके डांस को देख लोगों की आंखें विस्मय से खुली रह जाती हैं तो दूसरी ओर, इसके परिवार की माली हालत के बारे में सुन लोगों की आंखें भर आती हैं.

प्रीतम कटिहार के एफसीआई गोदाम, डेहरिया चौक के पास झुलानिया मोड़ का रहने वाला है. लोग उसे प्यार से प्रीतम राज कहते हैं. उसके पिता टोला सेवक हैं. परिवार की आमदनी मामूली है. प्रीतम को बचपन से ही डांस का बेहद शौक था लेकिन साधन व संशाधन का घोर अभाव था. माता-पिता भी अपने लाडले की इस प्रतिभा को निखार नहीं पा रहे थे.

जब भी आस—पास से कहीं से गाने की आवाज आती, नन्हें प्रीतम का पैर थिरक उठता था. घर में टेलीविज़न तक नहीं है. म्यूजिक प्लेयर के बारे में तो सोचा भी नहीं जा सकता. ऐसे में उसके चाचा आनंद राज ने उसका खूब साथ दिया. जहां एक तरफ बड़े घरानों के बच्चे डांस एकेडेमी में डांस सीखने जा रहे थे, वहीं प्रतिभाशाली प्रीतम खुले आसमान के नीचे अपने चाचा के मोबाइल पर you-tube पर विडियो देखकर डांस सीख रहा था.

‘इंडिया बनेगा मंच’ के ऑडिशन के दौरान प्रीतम कोलकाता गया था. वहां वह दर्शकों के बीच खड़ा था. गाने की आवाज सुन वह अपने क़दमों को रोक नहीं पाया और पहुंच गया स्टेज पर.

आपको बता दें कि कलर्स चैनल पर आने वाले डांस रियलिटी शो ‘इंडिया बनेगा मंच 2017’ का ऑडिशन 18 फरवरी से कोलकाता के न्यू मार्केट में शुरू हुआ था. टेलीविज़न जगत के कलाकार कृष्णा और मोना इसे होस्ट कर रहे हैं. ‘इंडिया बनेगा मंच’ में प्रीतम का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था और न ही लिस्ट में कोई नाम.

ऑडिशन के बीच में यह बच्चा अचानक स्टेज पर आता है और माइक उठा लेता है और होस्ट के पूछने पर बड़ी ही मासूमियत और कॉन्फिडेंस के साथ बोलता है, ‘मैं डांस करना चाहता हूं.’ इतने छोटे बच्चे के मुंह से ऐसी बात सुन और उसका आत्मविश्वास देखकर वहां उपस्थित ऑडियंस में सन्नाटा—सा छा जाता है. कृष्णा और मोना भी उसे मना नहीं कर पाते हैं. उसे अनुमति मिल जाती है.

प्रीतम का यह पहला स्टेज परफॉरमेंस था. वह परफॉरमेंस ऐसा था कि वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं. सभी लोगों की जुबां पर बस प्रीतम-प्रीतम का नाम गूंज रहा था. परफॉरमेंस के बाद होस्ट ने भी कहा कि अगर आज हमलोग इसे चांस नहीं देते तो हमलोगों से बहुत बड़ी गलती हो जाती. शायद एक टैलेंट फिर से जिंदा दफ़न हो जाता. यह था नन्हें प्रीतम का स्टेज शो की दुनिया का आगाज. एक लंबे सफर की शुरूआत.

आपको बता दें कि प्रीतम सेमीफाइनल की बाधा को पार कर चुका है. अब वह ‘इंडिया बनेगा मंच’ के फाइनल में दूसरों से खिताबी मुकाबले में उतरेगा. दुआ कीजिए कि बिहार का यह लाल विजयी होकर लौटे.