बता रहा है Bihar का यूथ, कहां बनाना है करियर…!!

course

इंटर के सभी बोर्डों के रिजल्ट निकल चुके हैं. सभी कॉलेजों में एडमिशन का दौर भी शुरू हो चुका है. कहीं एडमिशन हो चुका है और कहीं प्रोसेस कन्टीन्यू है. पटना में भी सभी कॉलेज और इंस्टीट्यूट्स में स्टूडेंट्स एवं गार्डियन्स की भीड़ उमड़ पड़ी है. ग्लोबलाईजेशन के बाद वोकेशनल कोर्सेज की डिमांड लगातार बढ़ रही है.

studio11

पटना वीमेंस कॉलेज में स्टूडेंट्स ने सबसे ज्यादा वोकेशनल कोर्सेज में ही अप्लाई किया है. वहीँ साउथ सेंट्रल यूनिवर्सिटी में मास कम्युनिकेशन का कोर्स यूथ की पहली पसंद बनी है. जेडी वीमेंस और मगध महिला में भी एडमिशन के बाद जुलाई से क्लासेज शुरू होना है. ज़ाकिर हुसैन संस्थान में इस बार सबसे ज्यादा एडमिशन बीएससी—आईटी कोर्सेज में हो रहे हैं. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इंटरमीडिएट के बाद स्टूडेंट्स में सबसे ज्यादा बेहतर कोर्सेज के सेलेक्शन को लेकर टेंशन देखा जाता है. स्टूडेंट्स कम समय में अच्छे कोर्सेज करना चाहते हैं और इसके माध्यम से बेहतर सैलरी पैकेज की चाहत में रहते हैं.

students

रिजल्ट आने से पहले ही स्टूडेंट्स कॅरियर सेट करने के लिए मेंटल एक्सरसाइज करने में लग जाते हैं. बदलते समय के साथ कोर्सेज पूरी तरह से बदल चुके हैं. शिक्षा विभाग ने सिलेबस में भी बदलाव कर उसे अप-टू-डेट कर दिया है. लेकिन अभी भी बहुत से कोर्सेज हैं जिनमें 4 साल की जी—तोड़ मशक्कत के बाद भी कुछ स्कोप नजर नहीं आता. संक्षेप में कहें तो बहुत सारे कोर्सेज जॉब ओरिएंटेड नहीं हैं.  इसी विषय पर पटना के डिफरेंट कॉलेजेज के स्टूडेंट्स से लाइव सिटीज रिपोर्टर शिल्पी सिंह ने बातचीत की है. इससे पता चला है कि यहां के यूथ की फर्स्ट एंड फोरमोस्ट च्वॉइसेज हैं प्रोफेशनल कोर्सेज.

आखिर क्या कहना है स्टूडेंट्स का?

पटना वीमेंस कॉलेज की स्वाति सुमन कहती हैं कि मैंने इंटरमीडियट की परीक्षा वीरपुर, सुपौल से पास की है. मैं तीन साल ग्रेजुएशन करने में व्यतीत करने के बाद फिर से कंपीटिशन की तैयारी में अपना समय जाया नहीं करना चाहती. मैं ऐसा कोर्स करना चाहती हूं जिसे करने के बाद फ़ौरन जॉब मिल जाये. इसलिए मैंने प्रोफेशनल कोर्स को सेलेक्ट किया है.

जाकिर हुसैन संस्थान में BSc-IT में एडमिशन लेने आई अंकिता रोसा का कहना है कि साइंस में रेगुलर कोर्सेज के अलावा वोकेशनल या प्रोफेशनल कोर्सेज में भी जॉब के कई आप्शन हैं. जाकिर हुसैन के प्रो. प्रेम कुमार बताते हैं कि BCA, BBA AUR BioTech के बाद BSc-IT फ़ील्ड में जॉब के बेहतर आॅप्शन्स हैं. वो बताते हैं कि इस फ़ील्ड में स्टूडेंट्स मिनिमम 3 से 4 लाख रूपये per annum का पैकेज पा सकते हैं.

ankita
अंकिता

इंजीनियरिंग के फ़ील्ड में अपना कॅरियर आजमाने के बाद आदित्य ने मास कम्युनिकेशन कोर्सेज करने की सोची है. बातचीत करने पर उसने बताया कि एंट्रेंस एग्जाम में फेल होने के बाद घर वालों का ज्यादा प्रेशर था. ऐसे में मास कम्युनिकेशन एक ऐसा कोर्स समझ में आया जिसमें अगर टेक्निकल स्किल अच्छी हो तो विकल्प बहुत हैं. कोर्सेज के दौरान भी जॉब किया जा सकता है.

aditya
आदित्य

वहीं इसी कोर्स में एडमिशन लेने आई मधुमिता का कहना है कि दूसरे कोर्सेज टाइम टेकिंग होते हैं और साथ ही उनमें जॉब की गारंटी भी नहीं होती. स्टूडेंट्स में टेक्निकल स्किल मार्केट के डिमांड के हिसाब से बिल्डअप होने के बाद इसमें बेहतर जॉब आप्शन्स हैं.

madhu
मधुमिता (राईट)

जेडी वीमेंस कॉलेज की प्रो. रेखा बतातीं है कि पटना के लगभग सभी कॉलेजों में साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स के अलावा प्रोफेशनल और वोकेशनल कोर्सेज चल रहे है. इसमें से प्रायः कॉलेज पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, साउथ सेंट्रल यूनिवर्सिटी में शामिल हैं. वहीं जाकिर हुसैन के डायरेक्टर प्रो.उत्तम कुमार सिंह ने बताया कि टेक्निकल कोर्सेज आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी से जुड़ गए हैं.

कुल मिलाकर बातचीत में यह पता चला कि पटनाइट्स को शॉर्ट टर्म जॉब ओरिएंटेड कोर्सेज चाहिये.

Bihar Cafe में और पढ़ें –
Brand Bihar : पटना के अविरल ने बनाई ऐसी डिवाइस, NASA भी कर रहा तारीफ़
DBC में है दम, रोज खाएं हम !
बीएड कर चला रहे हैं ‘स्वदेशी गन्ना कैफे’, रोज कमाते हैं 7000 रुपये