गुलजार है ईद का बाजार, तो चलें सब्जीबाग !

पटना : बस तीन दिन बाकी बचे हैं. लोग उस चांद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो ईद की खुशियां लेकर आने वाला है. इस खुशी का इजहार करने के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. बाजार खरीदारों के स्वागत के लिए सज-धज कर तैयार है. दुकानों में रौनक-सी छाई है. यूं तो पटना में ईद की खरीदारी कहीं से भी की जा सकती है. हर जगह जरूरत के साजो सामान मौजूद हैं. लेकिन अगर वाकई ईद की खरीदारी की चहल-पहल देखनी हो और जरूरत की चीजों की विशाल रेंज देखनी हो तो पटना में सब्जीबाग मार्केट से बेहतर जगह आपको कहीं नहीं मिलेगी.

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अशोक राजपथ पर पीरबहोर थाना और बांकीपुर पोस्ट ऑफिस के साथ मुरादपुर के फेमस पटना मार्केट एवं दूसी ओर से हथुआ मार्केट एवं खेतान मार्केट के बीचोबीच सैंडबिच की तरह है पटना का सब्जीबाग मार्केट. यहां आप ईद के लिए जरूरी सारी चीजों की इकट्ठे ही खरीदारी कर सकते हैं. कपड़े, लच्छा-सेवई, जूते-चप्पल, टोपी, सूरमा, बाकरखानी, ड्राईफ्रूट्स, डेट्स या खजूर, ईत्र, और ऐसी और भी कई चीजें जिसे इस ईद पर खरीदना आप जरूरी समझ रहे हों. आइए आपको सब्जीबाग में बिक रही कुछ चीजों से परिचय कराता चलूं-

 

डेट्स/खजूर और ड्रायफ्रूट्स

रमजान के पूरे महीने में खजूर का इम्पोर्टेंश काफी बढ़ जाता है. रेगिस्तान का यह फल एनर्जी प्रोवाइडर एवं पावर इम्प्रूवर माना जाता है इसलिए रमजान में दिनभर की फास्टिंग के बाद शाम को जब रोजा खोलते या इफ्तार करते हैं तो उसमें खजूर को जरूर शामिल करते हैं. जाहिर है ईद के दिन भी लोग इसे खाते हैं या कई पकवानों को बनाने में इसका इस्तेमाल करते हैं. बाजार में खजूर खुला भी उपलब्ध है और कई कंपनियां इसे अलग-अलग ब्रांडनाम से भी बेचती हैं. बात अगर ब्रांड की करें तो khudi dates, Madijoul Dates, Date Crown Mazatal, Lion Dates, Yalam Dates, Sarah Dates, Faradh Taj Dates, Maryami Dates, Al Azavi, कुछ प्रमुख ब्रांड बाजार में मौजूद हैं.

पटना ड्राय फ्रूट्स के सेल्स मैन कैशर Azwa Dates दिखाते हैं. कहते हैं, सउदी अरब का है. वह यहां Kalami Dates का भी जिक्र करते हैं. कहते हैं, 800/- रूपये प्रतिकिलो बिकने वाला यह खजूर हार्ट पेशेंट भी खा सकते हैं. बहरहाल इस मामले में मेरा मानना है कि आप डॉक्टर की नसीहत व हिदायत को ही तवज्जो दें न कि सेल्सपमैन की चिकनी-चुपड़ी बातों को अहमियत दें. जहां तक ड्राय फ्रूट्स की बात है तो सब्जीबाग में लाल भवन सिंह सिंह एंड सन्स ड्रायफ्रूट शॉप में काजू 800 से 1000 रूपये प्रति किलोग्राम, किशमिश 200 से 350 रूपये प्रति किलोग्राम और बादाम 700 से 1000 रूपये प्रति किलोग्राम की दर पर उपलब्ध है. पैकेट में उपलब्ध मामडा बादाम 2000 रूपये प्रति किलोग्राम की दर पर उपलब्ध है.

लच्छा सेवई

ईद का मौका हो और लच्छा सेवई का जिक्र न हो भला यह कैसे हो सकता है. इस मीठी ईद पर अगर सबसे ज्यादा किसी चीज की बिक्री होती है तो वह लच्छा सेवई ही है. मो. खुर्शीद यहां सेवई शॉप के ऑनर हैं. कहते हैं, सिर्फ ईद के मौके पर ही पांच लाख रूपये तक की सेवई की बिक्री हो जाती है. सेवई पैक में और खुली दोनों उपलब्ध है. सबसे ज्‍यादा खुली सेवई ही बिकती है. पिछले कुछ सालों से हल्दीराम भी लच्छा सेवई का प्रोडक्ट बाजार में लेकर उतरा है. अभी इसकी दो वेरायटी उपलब्ध है. नॉर्मल लच्छा का आधाकिलो का पैक 140 रूपये में जबकि दूध वाली (दूध में गूंदी हुई) लच्छा सेवई का आधा किलो का पैक 170 रूपये में उपलब्ध है.

स्थानीय बाजार में अभी 100 से लेकर 400 रूपये प्रतिकिलो तक का लच्छा एवलेबल है. खुला और पैक दोनों में. बात अगर खुले लच्छे की करें तो भूनी हुई 140/- रू. प्रति किग्रा, डालडा वाला लच्छा 100/- रू. प्रति किग्रा, रिफाइन वाला लच्छा 160-200/- रू. प्रति किग्रा, किमामी सेवई 140/-रू. प्रति किग्रा, बंगाल वाली सेवई 120/-रू. प्रति किग्रा की कीमत पर उपलब्ध है. जहां तक पैक की बात है तो पाकिजा स्पेशल लच्छा 120/-रू. प्रति किग्रा अौर ताजमहल स्पेशल बनारसी लच्छा 240/- रू. प्रति किग्रा की कीमत पर उपलब्ध है. कई अन्य ब्रांड के लच्छा सेवई की भी ब्रिकी हो रही है. शुद्ध घी में भुनी सेवई खुले में 400/- रू. प्रति किग्रा की दर पर उपलब्ध है. स्थानीय बाजार में ज्यादातर सेवई वाराणसी एवं कोलकाता से मंगवाए गए हैं.

टोपियां

छोटी टोपी, लंबी टोपी, गोल टोपी, सफेद टोपी, रंगबिरंगी टोपी, बाजार तरह—तरह की टोपियों से अंटी—पड़ी है. ईद की शॉपिंग लिस्ट में टोपी को जरूर शामिल किया जाता है. बाजार में तरह—तरह की टोपियां बिक रही हैं. कुछ तो लोकल हैं लेकिन साथ ही साथ विदेशों से मंगवाई गई टोपियों की भी भरमार है. डिजाइनो में टोपियों की अच्छी रेंज है. शॉप के आॅनर असद कहते हैं, विदेशी टोपियों में तुर्की एवं इंडोनेशिया के टोपी की अच्छी डिमांड है. यहां तुर्की की टोपी 60 से 90 रूपये प्रति पीस एवं इंडोनेशिया की छोटी टोपी 100 रूपये में उपलब्ध है.

सबसे मंहगी पाकिस्तान से मंगवाई गई टोपी है जो 350 रूपये प्रति पीस की दर से बिक रही है. इसके अलावा यहां चीन एवं बांग्लादेश से इम्पोर्टेड टोपियां भी उपलब्ध हैं. चीन की टोपियां 60 से 150 रूपये प्रति पीस एवं बांग्लादेश की टोपियां 60 से 200 रूपये प्रति पीस की दर पर उपलब्ध है. ऐसा नहीं है कि बाजार में सिर्फ महंगी टोपियां ही मिल रही हैं. 20—30 रूपये में छोटी जालीदार टोपियां मिल रही हैं. गया की बनी मलमल की टोपी यहां सिर्फ 15 रूपये प्रति पीस की कीमत पर उपलब्ध है और इसकी बिक्री भी खूब है.

इत्र और सूरमा

ईद का बाजार इत्र की खुशबू से महमह कर रहा है. ईद में अमीर गरीब सभी ईत्र की खरीदारी अवश्य करते हैं. मजमुआ ईद के अवसर पर आॅलटाइम फेवरिट ब्रांड है. यूपी का कन्नौज ईत्र नगरीके नाम से विख्यात है और पूरे देश में यहां से ईत्र की आपूर्ति की जाती है. सब्जीबाग में कन्नौज के ईत्र के वाइड रेंज एवलेबल हैं. रोज, बेला, चंपा, चंदन, केवड़ा, लैवेंडर, खस, जैस्मिन, फिरदौस और भी न जाने क्या क्या! खुशबू ऐसी जो तरावट भी लाए और मदहोश भी करे.

यहां गाजीपुर स्टार केमिकल वर्क्स ईत्र की मशहूर दुकान है. यहां जमाल अहमद कहते हैं, ईद पर लोग लाइट फ्रेंगरेंश ही पसंद करते हैं. वैसे यहां हार्ड फ्रेंगरेंश के ईत्र भी मौजूद हैं. इकोनॉमी रेंज में यहां 50 रूपये में ईत्र की एक शीशी आ जाती ​है और पॉपुलर ब्रांड में सबसे महंगी 450 रूपये की है. वैसे यहां यूएई की बनी एक ईत्र 1600 रूपये की भी उपलब्ध है. वैसे लोगों की पसंद क्या है? जमाल भाई बताते हैं,’ लोग ह्वाइट मस्क, मस्क, रोज, असील, रोज मस्क, स्विस फिरदौस की डिमांड करते हैं. इसके अलावा कई तरह के स्प्रे भी मौजूद हैं. लेकिन ईद पर ईत्र की खरीदारी ही लोग ज्यादा करते हैं.

कुछ लोग यहां सूरमे की खरीदारी भी कर रहे हैं. वैसे इसका चलन धीरे—धीरे कम होता जा रहा है. बाजार में दो तरह का सूरमा एवेलेबल है. एक जो आंखों में लगता या जलता है और दूसरा किसी प्रकार चुभन, जलन नहीं देता है.

परवेज आलम और असद ईत्र के अलावा सूरमा भी बेचते हैं. कहते हैं, नई पीढ़ी के लोग बिना जलन या चुभन वाला सूरमा ही खरीदते हैं जबकि पुरानी पीढ़ी के लोगों को इससे कोई परह नहीं हैं.’