इस मानसून भींगने से डरें नहीं, यहां है Solution

बारिश में भींगना, झूमना और मस्ती करना तो हर किसी को अच्छा लगता है. हम घंटों मानसून की रिमझिम फुहार का आनंद लेते हैं. लेकिन कई बार बारिश का लुत्फ उठाने के चक्कर में परेशानी में पड़ जाते हैं. ऐसा देखा गया है कि बारिश में भींगकर अक्सर हमारे बाल खराब हो जाते हैं और स्किन को भी नुकसान पहुंचता है. मानसून की शुरुआत हो चुकी है. लड़कियां अपने फेस को लेकर काफी सजग रहती हैं. ऐसे में उन के चेहरे पर एक भी पिंपल्स हो जाये तो ये उनको नागवार गुजरता है. कभी—कभी ब्यूटी प्रोडक्ट मौसम के अनुकूल न होने के कारण भी हमें इस परेशानी से गुज़रना पड़ता है.

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ब्यूटी एक्सपर्ट संजना मिश्रा पटना के बोरिंग रोड में एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं. उनका कहना है कि मौसम हमेशा बदलता रहता है. वातावरण में मौजूद नमी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में लाइफ स्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव और आयुर्वेदिक साबुन के इस्तेमाल से त्वचा की चमक व ताजगी बरकरार रखी जा सकती है.

सौंदर्य विशेषज्ञ काजल राय कहती है…

मानसून के मौसम में बैक्टीरिया और गंदगी की अधिकता होती है. इससे त्वचा को बचाना जरूरी है. इस मौसम में आयुर्वेदिक और हर्बल साबुन का ही इस्तेमाल करना चाहिए. यह त्वचा के पीएच बैलेंस को प्रभावित किए बिना सौम्यता से शरीर की अशुद्धियों को दूर करता है.

अपनी ब्यूटी ट्रीटमेंट करवाने पार्लर में आयी लड़कियों से भी लाइव सिटीज ने बातचीत की. वे अपने लिए कैसे ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करती हैं, इस पर भी चर्चा हुई—

रीना साव कहती हैं कि हर्बल साबुन स्कीन की नमी बरकरार रखते हैं और स्किन को फिर से तरोताजा बना देते हैं. मैं पिछले कई महीनों से हर्बल सोप और बायोआमंड ऑयल का इस्तेमाल करती हूं. ये शरीर को पोषित करते हैं.

सुरभि कहती हैं कि मानसून में बादाम, मारगोसा, नारियल तेल, हल्दी आदि से युक्त साबुन त्वचा को मुलायम बनाते हैं. साथ ही गुलाब का तेल और पंखुड़ियां त्वचा के दाग-धब्बों को दूर करते हैं. बरसात में होने वाले घाव के दाग को इससे दूर किया जा सकता है.

वही पार्लर में आई एक महिला से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि हमारे समय में सरसों का तेल लगाया जाता था. कोई नया प्रोडक्ट यूज नहीं किया जाता था. पर आज जो हजारो क़िस्म के क्रीम मार्किट में आ गए हैं. लड़कियां रोज—रोज नया प्रोडक्ट यूज कर रही हैं.

यही कारण है कि उनको ब्यूटी एक्सपर्ट के शरण में जाना पड़ता है. हालांकि अभी मॉनसून के सीजन में लैवेंडर साबुन का इस्तेमाल सही है. इसके जीवाणुरोधी गुण त्वचा में हो रही जलन और खुजली को दूर कर देता है. इसकी खुशबू ताजगी और सुकून का अहसास कराती है.

रुचि कुमारी कहती हैं कि बरसात में भीगने के बाद स्किन में खुजली और जलन की समस्या हो जाती है. चारकोल से बना साबुन ऑयली और ड्राई दोनों त्वचा के लिए अच्छा विकल्प है. साबुन में मौजूद ऐक्टिवेटेड बैंबू चारकोल गंदगी, टॉक्सिन और अशुद्धियों को दूर कर त्वचा के रोम छिद्रों को खोल देते हैं. ये मुंहासे, दाग-धब्बे भी दूर करते हैं.

भाग—दौड़ भरी जिंदगी में सिर्फ चेहरे की ही नहीं, बालों की भी सही देखभाल जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि चेहरे की खूबसूरती में चार चांद बालों से ही लगती है.

एक्सपर्ट ने बातचीत में ऐसे कई टिप्स दिए जो बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं. पेश है ऐसे ही कुछ टिप्स—

हेयर प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल कम करें

एक्सपर्ट ने बताया कि बारिश के मौसम में हेयर प्रॉडक्ट्स का कम से कम इस्तेमाल करें. बालों पर केमिकल युक्त उत्पादों का प्रयोग न करें. यानी बालों को स्ट्रेट बनाने, हाईलाइट करने और हेयर स्प्रे का इस्तेमाल करने से बचना ही बेहतर होगा. लाइट शैम्पू और कंडिशनर यूज करें.

प्रोटीन से भरपूर आहार लें

कहा जाता है कि अगर आप का डाइजेशन स्वस्थ है तो शरीर के दूसरे आॅर्गन एवं सिस्टम भी ठीक से काम करेंगे. बालों की खूबसूरती बनाए रखने के लिए प्रोटीन की प्रचुरता वाले आहार का सेवन करें. ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां खाएं और खूब पानी पीएं.

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