इस बिहारी ने ऑस्ट्रेलिया में बजाया अपना डंका, बॉडी बिल्डिंग में जीता राष्ट्रीय खिताब

लाइव सिटीज डेस्क : बिहारियों का डंका देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बजता है. बिहार के लोग विदेशों में जाकर धूम मचा रहे हैं. खेल, शिक्षा, चिकित्सा समेत कई क्षेत्रों में परचम फहरा कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं. प्रदेश के गोपालगंज के इस छोरे ने अब ऑस्ट्रेलिया में बॉडी बिल्डिंग में राष्ट्रीय पुरस्कार जीत कर साबित किया है कि पूरे ऑस्ट्रलिया में सबसे बेहतर बॉडी मिक्की पांडेय की ही है. अपनी बॉडी व स्मार्ट पर्सनालिटी के कारण वह मिस्टर विक्टोरिया भी चुने गये हैं. वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन व एनएबीबीए द्वारा आयोजित चैंपियनशिप में मिक्की को पहला खिताब मिला है.



बता दें कि ये चैंपियनशिप वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन और एनएबीबीए ने आयोजित किया था. मिक्की गोपालगंज जिले के कुचायकोट ब्लॉक के रहने वाले हैं. फिलहाल, उनके पिता राकेश पांडेय और अन्य फैमिली मेंबर्स दिल्ली में रहते हैं. मिक्की ने बताया कि उनके पिता भी रेसलर रह चुके हैं. फिलहाल, मिक्की मेलबर्न में पत्नी मनीषा शनाया और बेटी के साथ रहते हैं.

ऐसे बने बॉडी बिल्डर

मिक्की के मुताबिक, 21 नवंबर 2007 में उनकी शादी मनीषा से हुई थी. इसके बाद वे 2011 में पत्नी के साथ आस्ट्रेलिया गए. यहां पहुंचने के बाद उन्होंने बॉडी बिल्डिंग को ही अपना पैशन बना लिया. पिता रेसलर रह चुके थे तो बॉडी बिल्डिंग शौक उन्हें बचपन से ही थी. ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद उन्होंने इसके बारे में सोचा और फिर वे बॉडी बिल्डिंग में लगे रहे. फ्यूचर के बारे में पूछने पर मिक्की बताते हैं कि उनकी इच्छा है कि वे इंडिया के लोगों को बॉडी बिल्डिंग को लेकर जागरूक करें.

शुरुआत से जिम से जुड़े रहे हैं मिक्की

मिक्की पांडेय के मुताबिक, वे दिल्ली से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक बॉडी बिल्डिंग के लिए जिम से जुड़े रहे हैं. पहले दिल्ली में और फिर साल 2011 के बाद ऑस्ट्रेलिया में वे हमेशा किसी न किसी जिम से जुड़े रहे. फिलहाल, वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपना जिम चलाते हैं जिसका नाम ‘मिक्की मसल्स स्टेशन’ है.

साल 2006 में दिल्ली से ग्रैजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फिटनेस से डिप्लोमा किया. 2006 से 2008 तक दिल्ली के एक जिम में उन्होंने जिम इंस्ट्रक्टर का काम किया. फिर 2008 से 2010 तक दिल्ली के ही एक जिम में फिटनेस ट्रेनर का काम किया. साल 2011 में वे ऑस्ट्रेलिया चले गए.

गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के खुटवनियां गांव निवासी राकेश पांडेय उर्फ अलखदेव पांडेय के पुत्र मिक्की पांडेय की सफलता से परिवार के सदस्यों समेत उनके दोस्त, परिचित सहित गांव के लोग काफी गौरवान्वित हैं. मिक्की बताते हैं कि उनका पूरा परिवार दिल्ली में रहता है. उनके पिता भी पूर्व में रेसलर रह चुके हैं.

वर्ष 2011 में मिक्की अपनी पत्नी के साथ आस्ट्रेलिया गये. वहां उन्होंने बॉडी बिल्डिंग को ही अपना पैशन बना लिया. दिल्ली से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक वे बॉडी बिल्डिंग में जी-जान से लगे रहे. यही कारण है कि आज यह मुकाम हासिल हो सका और उनका सपना पूरा हुआ. मिक्की ने बताया कि उनकी इच्छा है कि इंडिया के लोगों को बॉडी बिल्डिंग को लेकर जागरूक करें.

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