लाइव सिटीज डेस्क : देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथ में होती है. यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है. जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उससे विश्वास उठता जा रहा है. लेकिन इस बीच कुछ ऐसे भी IAS और IPS अफसर हैं, जो अपनी साख बचाए हुए हैं. उनके कारनामे आज मिशाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं. यहां हम बात करेंगे एक जाबाज अफसर मनु महाराज की जिनके काम के बारे में लगातार बातें होती रहती हैं.

बिहार की राजधानी पटना के एसएसपी मनु महाराज अपनी बेबाक स्टाइल की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं. कभी दबंग तो कभी सिंघम के नाम से चर्चा में रहने वाले मनु महाराज को इन्ही वजहों से जाना जाता है.

पटना के एसएसपी मनु महाराज शिवदीप लांडे की तरह ही अपराधियों के लिए खौफ का दूसरा नाम हैं. जो सिर्फ अपराधियों के लिए ही आफत नहीं, बल्कि कामचोर पुलिस वालों की भी समय-समय पर खबर लेते रहते हैं. शहर की सुरक्षा-व्यवस्था जानने के लिए मजदूर का भेष धर लेते हैं. तो कभी बाइक उठा अकेले गश्ती पर निकल जाते हैं.

अपनी सिंघम स्टाइल और मूंछों की वजह से चर्चा में रहने वाले मनु महाराज किसी भी ऑपरेशन में खुद टीम को लीड करते हैं और एके-47 लेकर फील्ड में पहुंच जाते हैं. SSP मनु महाराज का काम करने का अपना स्टाइल है…देर रात को जब शहर सोता है तब मनु महाराज अपनी बाइक से गश्ती करने के लिए निकलते हैं. मनु महाराज की चौकस आंखों से शायद ही कोई शातिर बदमाश बच पाया हो.

लेकिन ऐसा नहीं है कि मनु महाराज की निगाहें केवल अपराधियों पर रहती है, पुलिस महकमे के सुस्त अधिकारियों को भी एक्टिव बनाने की मुहिम में जुटे हुए हैं मनु महाराज. सिंघम नाम से मशहूर मनु महाराज देर रात को पटना की सड़कों पर गश्ती करते हैं.

मनु हिमाचल प्रदेश के रहनेवाले हैं. शिमला से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद इन्होंने आईआईटी रुड़की से बीटेक किया. यूपीएससी की तैयारी के दौरान जेएनयू से एनवॉयरमेंटल सांइस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. 2006 में इन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की.

मनु महाराज काम के साथ-साथ अपनी मूंछों के लिए भी बड़े मशहूर हैं. कहा जाता है कि अजय देवगन की फिल्म सिंघम देखने के बाद इन्होंने अपनी मूंछों की स्टाइल बदली. जिसकी वजह से लोग इन्हें सिंघम बुलाते हैं. मनु महाराज बड़े-बड़े ऑपरेशन को खुद लीड करते हैं. नक्सली इलाके में काम करने के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी इनको सम्मानित भी कर चुके हैं.

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि उन्होंने IAS रैंक मिलने के बावजूद भी IPS चुना. वह एक IPS अफसर बनना चाहते थे. इस तरह उन्होंने अपने सपने को पूरा कर लिया. किसी भी विषम परिस्थिति में हमेशा मुस्कराते रहने वाले मनु ने कभी भी किसी अपराधी तक को बुरे शब्द नहीं बोले हैं. उनकी स्टाइल के पुलिस महकमें और आम लोगों के साथ ही राजनेता भी मुरीद हैं. यही वजह है कि बिहार के CM नीतीश कुमार के वह चहेते अफसरों में से एक हैं.

एक बार मनु महाराज चेहरे पर गमछा लगाए, पैर में चप्पल पहने टूटी साइकिल पर सवार होकर पुलिस जिप्सी के पास पहुंचे. जीप में बैठे पुलिसवाले से बोले- साहब, मैं मजदूरी करके लौट रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने मुझे लूट लिया है. कृपया मेरी मदद कीजिए. इस पर पुलिसवाले ने उनकी बात अनसुनी कर दी. उन्हें वहां से भगाने लगें.

इसके बाद भी वह उससे गुजारिश करते रहे, इस पर झल्लाए पुलिसवाले ने उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की, तभी उन्होंने चेहरे से गमछा हटा दिया. इसके बाद पुलिसवाला सन्न रह गया.

बता दें कि पटना के दियारा इलाके में अगस्त 2016 में एक ऑपरेशन के दौरान उन्होंने खुद ही कमान संभाली थी. दरभंगा में भी एक क्रिमिनल को पकड़ने के लिए वे घोड़े पर सवार होकर मैदान में उतरे थे. वे पटना के अलावा गया और दरभंगा में भी पोस्टेड रहे हैं. गया में पोस्टिंग के दौरान वे नक्सली इलाकों में भी पहुंच जाते थे. वहीं, दरभंगा में कई बड़े ऑपरेशन को भी अंजाम दे चुके हैं.