सावधान! अगर आप हफ्ते में 2 बार से ज्यादा चिकन खाते हैं तो आपको हो सकती है ये जानलेवा बीमारी

लाइव सिटीज डेस्क : आजकल सर्दियों में लोग चिकन ज्यादा खाना पसंद कर रहे हैं लेकिन वो ये नहीं जानते कि इससे जानलेवा बीमारी हो रही है. कम पका चिकन खाने से आपको हो सकती है लकवा कि बीमारी. कई बार ऐसा होता है कि लोग जल्दी-जल्दी चिकन बनाते हैं. ऐसे में कई बार चिकन अधपका रह जाता है और हफ्ते में दो बार से ज्यादा अधपका चिकन खाना जानलेवा हो सकता है.

सेहत के लिए बहुत ही घातक



जो कि आपकी सेहत केलिए बहुत ही घातक है. वैज्ञानिकों ने पहली बार पता लगाया है कि कम पका चिकन खाने से लकवा होने का खतरा बढ़ जाता है. अमेरिका के मिशिगन स्टेट यूनिर्विसटी के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया कि कम पकाये गए चिकन के मांस में वैंपाइलोबैक्टर जेजुनी नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है.

यह बैक्टीरिया शरीर में गिल्लन र्बे सिंड्रोम (जीबीएस) नामक स्व-प्रतिरक्षित विकार को बढ़ावा देता है 

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह बैक्टीरिया शरीर में गिल्लन र्बे सिंड्रोम (जीबीएस) नामक स्व-प्रतिरक्षित विकार को बढ़ावा देता है जिसके कारण व्यक्ति लकवे का शिकार हो जाता है. अधपका चिकन में पाये जाने वाले जीवाणु लकवा होने के कारण हो सकते हैं.

चिकन उचित तापमान पर सही तरीके से नहीं पका हो तो

अगर चिकन उचित तापमान पर सही तरीके से नहीं पका हो तो इसमें बैक्टिरिया जीवित रह सकता है. अमेरिका में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के वेटनरी मेडिसिन कॉलेज के लिंडा मेन्सफिल्ड ने कहा कि हमारे शोध से हमें पता चला कि यह एक खास कैमप्लोबैक्टर स्ट्रैन के साथ एक खास जेनेटिक के कारण यह रोग होता है.

व्यक्ति लकवे का शिकार हो जाता है

इस अध्ययन की मुख्य वैज्ञानिक लिंडा मैन्सफीड ने कहा, ‘उचित न्यूनतम आंतरिक तापमान तक चिकन न पकाने से इसमें बैक्टीरिया रह जाता है. यह बैक्टीरिया एक निश्चित आनुवंशिक बनावट के साथ एक निश्चित कैम्पिलोबैक्टर स्ट्रेन (ऐंठन) से मिश्रित होता है. इसके कारण शरीर की तंत्रिकापेशियों में कमजोरी, ऐंठन व संकुचन आती है और व्यक्ति लकवे का शिकार हो जाता है.

इलाज करने पर रोगी को और नुकसान पहुंचा सकता है

मेन्सफिल्ड ने कहा, इससे जुड़ी बात यह है कि बहुत सारे स्ट्रेन्स एंटीबायोटिक्स के प्रतिरोधक है और हमारे शोध से पता चलता है कि कुछ एंटीबायोटिक्स से इलाज करने पर रोगी को और नुकसान पहुंचा सकता है. दुनिया भर में GBS विकट न्यूरोमसक्यूलर लकवा होने का प्रमुख कारण है.