दिल्ली की इस लड़की के पास है सभी कचरे वाले का मोबाइल नंबर, वजह जान सलाम करेंगे आप

लाइव सिटीज डेस्क : महिलाओं को सुंदर-सुंदर कीमती ज्वैलरी पहनने का बहुत ही शौक होता है. हीरे और सोने से बने गहने पर वो बहुत ही खुश होती हैं. आपने भी कई तरह के गहने पहने होंगे लेकिन क्या कूभी कूड़े कचरे से बने हुए गहने पहने हैं? इसमें चौंकने वाली बात नहीं है. दरअसल, न्यूयॉर्क फैशन वीक में मॉडल्स ने कबाड़ से बनी ज्वैलरी को ही पहना था.

जी हां, आपने सही जाना, यहां हम बात कर रहे हैं दिल्ली की रहनेवाली आंचल सुखीजा जो ‘मिशन प्लूटो’ नाम से अपना ज्वैलरी ब्रांड चलाती हैं. इनका बिजनेस सबसे ज्यादा अमेरिका के कैलिफोर्निया में होता है. आंचल पूजा में इस्तेमाल होने वाली माचिस की डिब्बी से लेकर किचन में यूज होने वाली चाय की छन्नी और बर्तन स्क्रबर तक सभी सामानों से ज्वैलरी क्रिएट करती हैं.

24 साल की आंचल अपने इस हुनर से कूड़े-कबाड़ से इंटरनेशनल फैशन ब्रांड खड़ा कर दिया है. पिछले साल न्यूयॉर्क फैशन वीक में उनकी कबाड़ से क्रिएट की ज्वैलरी पहनकर मॉडल्स ने कैटवॉक किया था. बचे हुए मेटल पाइप के टुकड़ों और बर्तन साफ करने वाले मेटैलिक ब्रश से बना नेकलेस उनके कलेक्शन में सबसे ज्यादा हिट रहा. उनकी ज्वैलरी कलेक्शन को मॉडल्स ने फैशन डिजाइनर वैशाली एस की ड्रेसेज के साथ पहना. आंचल वॉशर पाइफ, प्लम्बिंग पाइप, एसी फिल्टर फोम और पोछे के कपड़े जैसी वेस्ट चीजों से ज्वैलरी क्रिएट करती हैं.

कॉलेज ड्रॉपआउट आंचल बताती हैं, “मुझे बचपन से ही वेस्ट मटैरियल का यूज करके क्राफ्ट बनाने का शौक था. मैं जब तीन साल की थी, तब अपनी मां को उनकी पुरानी फोटोज का कोलाज वेस्ट पेपर से बनाकर गिफ्ट किया था. वो आज भी उसे अपने बेडसाइड पर रखती हैं.”

“वेस्ट मटैरियल से ज्वैलरी बनाने का इनस्पिरेशन मुझे हॉलीवुड मूवी ‘ब्लड डायमंड’ से मिला. उसमें दिखाया गया था कि हम इंसान डायमंड जैसे कीमती पत्थर को बनाने में कितना खतरनाक वेस्ट मटैरियल पैदा करते हैं. मैंने सोचा क्यों न कबाड़ को ज्वैलरी के रूप में मेकओवर देकर कुछ अलग किया जाए.”

“शुरुआत में मैं सिर्फ अपने लिए ज्वैलरी डिजाइन करती थी. फैमिली पार्टीज और गेट-टुगेदर्स में मैं खुद बनाई हुई ज्वैलरी पहनकर जाती थी. रिलेटिव्स मेरे इस एक्सपेरिमेंट को काफी अप्रीशिएट करते थे.”

“2012 में मैंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नलॉजी में एडमिशन लिया. वहां FDCI के प्रेसिडेंट सुनील सेठी ने मेरी यूनिक ज्वैलरी को नोटिस किया. उन्हें मेरा रिसाइकिल्ड ज्वैलरी का आइडिया काफी पसंद आया. तभी से मैंने अपना फैशन ब्लॉग शुरू किया और आइडिया चमक गया.”

आंचल बताती हैं, “कबाड़ से ज्वैलरी क्रिएट करने के इस आइडिया को मेरी पूरी फैमिली ने वेलकम किया था. मेरे रिश्तेदार मेरे बेस्ट एम्बेसडर हैं. मेरे पास मेरे सभी रिलेटिव्स के कबाड़ीवालों के फोन नंबर हैं.”

कचरा बीनने वालों की बदल रही हैं लाइफ

आंचल सुखीजा रिसाइकिल्ड ज्वैलरी बनाने के लिए वॉशर पाइप, झाड़ू के बचे हिस्से, फोम, टूटे खिलौने आदि का यूज करती हैं. ये सारा वेस्ट मटैरियल वो कचरा बीनने वालों से खरीदती हैं. उनके इस यूनिक बिजनेस से कचरा बीनकर गुजर-बसर करने वालों को भी सहारा मिलता है. 24 साल की आंचल फैशन ज्वैलरी के साथ ही ‘मदर करेज एंड हर चिल्ड्रेन’ नाम का एनजीओ भी चलाती हैं. वो प्रेजेंट में फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (FDCI) से जुड़ी हुई हैं.

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मिलो कभी शाम की चाय पे...फिर कोई किस्से बुनेंगे... तुम खामोशी से कहना, हम चुपके से सुनेंगे...☕️

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