मनोज तिवारी का सफ़रनामा, संगीत-सिनेमा से सियासत तक

लाइव सिटीज डेस्क: उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है. सियासत में उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में एंट्री की थी, जब उन्होंने गोरखपुर लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में भाजपा के आदित्यनाथ के खिलाफ ताल ठोकी.

हालांकि सियासत में उनकी मंजिल संगीत और सिनेमा का सफर तय करते हुए मुकम्मल हुई है. भोजपुरी गायक के रूप में मनोज तिवारी ने पटना से लेकर लखनऊ तक अपनी आवाज़ का लोगों को दीवाना बनाया. उनके कई गाने पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक भोजपुरी पट्टी में लोगों की जुबान पर आज भी जुगलबंदी करते नजर आते हैं.

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45 साल के मनोज तिवारी का 1 फरवरी 1971 को बिहार के कैमूर जिले के अतरवलिया गांव में जन्म हुआ था. मनोज तिवारी के पिता का नाम चंद्रदेव तिवारी और मां का नाम ललिता देवी है. उनके परिवार में कुल छह भाई-बहन हैं. भोजपुरी फिल्मों का सुपरहिट अभिनेता बनने से पहले मनोज तिवारी ने तकरीबन दस साल भोजपुरी गायक के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

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2003 में उन्होंने फिल्म ‘ससुरा बड़ा पैसा वाला’ में अभिनय किया, जो मनोरंजन और आर्थिक दृष्टि से काफी कामयाब साबित हुई. इसके बाद मनोज तिवारी ने दो और फिल्मों ‘दारोगा बाबू आई लव यू’ और ‘बंधन टूटे ना’ नाम की फिल्मों में अभिनय किया. टेलीविज़न कार्यक्रम ‘चक दे बच्चे’ का वे बतौर होस्ट हिस्सा रहे. 2010 में मनोज तिवारी ने प्रतिभागी के तौर पर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में हिस्सा लिया.