‘चक्रधारी अजय श्रीकृष्ण’ सीरियल में जल्द दिखेगा बेतिया का ये छोरा

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बेतिया (प्रशांत सौरभ) : हारे नहीं जो हौसले, तो कम हुए हैं फासले. कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नहीं मन चाहिए. किसी ने बिल्कुल ठीक कहा है कि यदि मन में कुछ करने की ललक हो तो लाख बाधाएं आएं, लेकिन इंसान को आखिर मंजिल मिल ही जाती है. लेकिन इसकी पहली शर्त यह है कि इंसान को बिना हिम्मत हारे लगातार उसी दिशा में प्रयत्न करते रहना चाहिए. सफल होने की कोई उम्र नहीं होती, सफलता तो इस बात का निर्भर करती है कि व्यक्ति के मन में सफलता पाने की चाह कितनी है.

अपनी मेहनत के दम पर कम उम्र में ही सफल होने की चाह ने बेतिया के अंबुज अनुपम को भी एक नया मुकाम दिया है. जिस कारण अब वे बिग मैजिक पर आने वाले सीरियल ‘चक्रधारी अजय कृष्णा’ में भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य मित्र हरिदेव के रुप में दिखाई देंगे. महज 19 साल की उम्र में अंबुज ने हाल ही में इस सीरियल को साइन किया है. बता दें कि एक्टिंग की ललक अंबुज के मन में बहुत छोटी उम्र से ही थी. जब वह सातवीं कक्षा में थे तभी से डांस क्लास खोल लिया. छोटे-छोटे बच्चों को डांस सिखाने के काम करते थे.

बेतिया के डीपीएस स्कूल के छात्र अंबुज अनुपम ने इस दौरान न केवल नृत्य सिखाने का काम किया बल्कि संगीत का प्रशिक्षण भी बच्चों को देते रहे. हालांकि उनकी उम्र कम थी इसलिए अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी. लिहाजा संघर्षों का दौर जारी रहा. कला के क्षेत्र में शुरू से ही रुचि रही, इसलिए दसवीं करने के बाद माता-पिता से मुंबई जाने की जिद ठान दी. अंबुज के पिता विनय चौबे और मां रुपम चौबे ने बताया कि शुरू से ही ऐक्टिंग के प्रति बेटे के रुझान और समर्पण को देखकर न चाहते हुए उसकी जिद के आगे झुकना पड़ा और एक्टिंग के गुर सीखने के लिए अंबुज अनुपम मुंबई चले गए.

इस दौरान शक्ति एक्टिंग क्लासेज में अपना नामांकन कराया और अभिनय की बारीकियों को सीखने लगे. वह कहते हैं ना संघर्ष यदि सच्चा हो तो भगवान भी साथ देते हैं. अंबुज के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ और एक दिन जब अंबुज गोरेगांव से अंधेरी ऑडिशन देकर ट्रेन से लौट रहे थे तभी ट्रेन में प्रभात नाम का एक व्यक्ति इन्हें मिला. संयोगवश बातचीत बढ़ी और प्रभात ने बताया कि वह किसी सीरियल में कॉर्डिनेटर का काम करते हैं, उन्होंने अंबुज से कहा कि यदि काम करने की इतनी ही ललक है तो शूटिंग वाली जगह पर चले आइए.

अंबुज ने बताया कि पहले तो सहसा विश्वास नहीं हुआ कि दर-दर भटकते-भटकते इतनी आसानी से काम मिल जाएगा. लिहाजा ट्रेन में मिले इस व्यक्ति की बात मानकर उनके बताए गए पते पर पहुंच गए और अपने अभिनय का प्रदर्शन किया. अभिनय से प्रभावित होकर इस सीरियल में उन्हें काम करने का मौका मिल गया. कुल मिलाकर ट्रेन में मिले प्रभात नाम के इस व्यक्ति ने अंबुज के संघर्षमय जीवन में सफलता का एक छोटा सा प्रभात ला दिया.

बता दें कि सीरियल की डायरेक्टर माधुरी जैज और क्रिएटिव डायरेक्टर पुलकित मिश्रा ने अंबुज के ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद अभिनय की कला को देखकर उन्हें भगवान श्री कृष्ण के प्रिय सखा हरिदेव के रूप में सीरियल में रख लिया. अंबुज ने बताया कि सीरियल का कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हुए बहुत खुशी हुई ऐसा लगा कि सारे सपने पूरे हो गये. बचपन से एक्टिंग करने का शौक था और मुंबई में संघर्ष करते हुए आखिर वह शौक पूरा भी हो गया.

हालांकि सफलता अभी छोटी है लेकिन धीरे-धीरे और आगे बढ़ना है. अपने ही सफलता पर उन्होंने अपने घर परिवार और गुरुजनों को धन्यवाद दिया. बता दें कि बिग मैजिक टीवी चैनल पर आने वाला सीरियल चक्रधारी अजय श्री कृष्ण बच्चों के बीच खासा लोकप्रिय सीरियल है. जिसमें बेतिया के कुमारबाग क्षेत्र का यह छोरा भी अब दिखाई देने वाला है.

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