फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर बनी फिल्म ‘पंचलैट’ का फर्स्‍टलुक जारी

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लाइव सिटीज डेस्क : हिंदी साहित्य के सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पंचलाइट’ का फर्स्‍टलुक आज जारी कर दिया गया है. फिल्म जल्दी ही रिलीज होने वाली है. इस फिल्म में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी काम कर रहे हैं. इस फिल्‍म को लेकर दर्शक काफी उत्‍सुक हैं. निर्देशक अविनाश दास ने भी फिल्‍म का फर्स्‍टलुक शेयर किया है और मेकर्स को फिल्‍म के लिए बधाई दी है. रेणु जी की ‘तीसरी कसम’ के बाद यह उनकी दूसरी कहानी है, जिस पर कोई फिल्म बनी है. 17 नवंबर को यह फिल्म रीलीज़ हो रही है.

https://youtu.be/3e_upAlE1EE

क्या है पंचलाइट की कहानी
रेणु जी कहानी ‘पंचलाइट’ बिहार के ग्रामीण परिवेश पर आधारित है. इस कहानी में एक युवक गोधन का मुनरी नाम की एक लड़की से प्रेमसंबंध होता है, जिसके कारण गांव के लोग उसका बहिष्कार करते हैं. एक दिन मेले से गांव वाले पेट्रोमैक्स खरीद कर लाते हैं, जिसे लोग पंचलाइट कहते हैं.

पूरा गांव उसे देखने के लिए उमड़ पड़ता है, लेकिन गांववाले पंचलाइट को जलाना नहीं जानते थे, इस क्रम में हास्य की पूरी स्थिति बन जाती है. दूसरे गांव वाले परिहास करते हैं, अंत में मुनरी गांव वालों को बताती है कि उसके प्रेमी गोधन को पंचलाइट जलाना आता है, तब गांव वाले बेइज्जती से बचने के लिए गोधन से पंचलाइट जलवाते हैं और दोनों को माफ कर दिया जाता है.

इस कहानी पर बनी फिल्म के बारे में निर्देशक अविनाश दास ने फेसबुक पर लिखा है कि तीसरी कसम उर्फ मारे गये गुलफ़ाम और रसप्रिया की तरह रेणु जी की पंचलाइट मेरी प्रिय कहानी रही है. इन कहानियों के साथ हम बड़े हुए. हमारी अपनी मिट्टी का कथा-संसार था. रेणु जी का साहित्य जिस तरह की आंचलिकता के सौंदर्य से ओतप्रोत दिखता है, इस फ़िल्म में भी उसे वैसा ही बनाए रखने का प्रयास किया गया है, जो दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव होगा.

फिल्म में पंकज त्रिपाठी के अलावा ,अमितोष नागपाल, राजेश शर्मा,,ब्रिजेन्द्र काला, वीरेन्द्र सक्सेना, प्रणय नारायण, इकबाल सुलतान, सुब्रत दत्त, ललित परीमू, अनुराधा मुखर्जी, अरूप जागीरदार, कल्पना झा, मालिनी सेनगुप्ता, पुण्यदर्शन गुप्ता की भी अहम भूमिका है.

गौरतलब है कि रेणु जी कहानी ‘मारे गये गुलफाम’ पर बॉलीवुड के गीतकार शैलेंद्र ने ‘तीसरी कसम’ फिल्म 1966 में बनायी थी. हालांकि यह फिल्म रिलीज के तुरंत बाद उतनी हिट नहीं हुई थी, लेकिन बाद में इसे हिंदी सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में शामिल किया गया.