लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: दीया मिर्जा अपनी लाइफ में हमेशा फोक्‍स्‍ड रहती हैं और वे अपने उद्देश्‍यों के प्रति निरंतरता के साथ आगे बढ़ती हैं. यही वजह है कि पिछले साल उन्हें Zee5 की बहुप्रतिक्षित वेब सिरीज ‘काफिर’ में उनकी भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की ट्रॉफी मिली. इसमें उनकी समानता, साझी मानवता और एकता की कहानी के लिए गुरु पूरब के दिन सम्‍मानित किया गया. एक ओंकार के विचार में एक पवित्र दिन निहित है.

यहां तक कि उनके सोशल मीडिया पोस्‍ट में यूज होने वाली #HumanityIsMyReligion विभाजित करने की तुलना में हमें और अधिक मजबूती से कनेक्‍ट करती है. जैसा कि वह कहती हैं, सिंक्रानोसिटीज फ़ोकस के साथ आती है और यह 2019 में, कई थे.

संयुक्त राष्ट्र के सद्भावना राजदूत के रूप में उनका काम उन्हें न्यूयॉर्क में वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए ले गया. उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के
लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति चलाने के लिए एक वकील के रूप में भी नियुक्त किया गया था. यह भी पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता की वर्षों की परिणति थी.

जैसा कि दीया कहती हैं – ‘जलवायु परिवर्तन एक वास्तविकता है और दुनिया को बचाने में अपनी का इमानदारी से निर्वहन करना चाहिए.’

रचनात्मक सहयोग की यह खोज उनकी रचनात्मक यात्रा का भी हिस्सा रही है. वह कहती हैं कि ‘2019 में 14 साल के काम का समेकन रहा है, जो उन कहानियों की खोज है, वह स्पष्ट रूप से परे है. और इसलिए 2019 में, उन्होंने अपना खुद का स्वतंत्र प्रोडक्शन हाउस वन इंडिया स्टोरीज शुरू किया, जिसके माध्यम से वह आने वाले वर्षों में कथाओं में समावेशिता लाने की उम्मीद करती हैं.