‘बाबूजी’ आलोकनाथ ने कभी दिए थे बोल्ड सीन, 32 की उम्र से ही निभाने लगे थे पिता का रोल

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: परदे पर ‘बाबूजी’ का किरदार निभाने वाले आलोक नाथ का जन्म 10 जुलाई 1956 को दिल्ली में हुआ था. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से ही की. दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद वो मुंबई पहुंचे. साल 1980 में फिल्म ‘गांधी’ से आलोकनाथ ने डेब्यू किया हालांकि इस फिल्म के बाद 5 साल तक उन्हें कोई फिल्म नहीं मिली.

काम नहीं मिलने पर आलोकनाथ ने नादिरा बब्बर के साथ थियेटर में 30 से 40 शॉर्ट फिल्में कीं. करीब 5 साल तक संघर्ष करने के बाद उनको दिलीप कुमार स्टारर फिल्म ‘मशाल’ में एक छोटे से किरदार का ऑफर मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. फिल्मों में छोटे-मोटे किरदारों से वो आगे बढ़ते रहे लेकिन उन्हें पहचान मिली 1988 में आई आमिर खान और जूही चावला स्टारर फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ से. जिसमें उन्होंने गांव के किसान ठाकुर जसवंत सिंह का किरदार निभाया था. उस वक्त उनकी उम्र 32 साल थी.

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भले ही आलोकनाथ की इमेज ‘संस्कारी बाबूजी’ की है लेकिन उन्होंने अपने करियर में रिस्क भी लिया है. पॉजिटिव इमेज होने के बावजूद उन्होंने कई फिल्मों जैसे ‘बोल राधा बोल’, ‘षड्यंत्र’ और ‘विनाशक’ में निगेटिव किरदार निभाए हालांकि इससे उनके करियर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

ऐसा नहीं है कि आलोकनाथ ने हमेशा से ‘बाबूजी’ का किरदार ही निभाया है. अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने लव मेकिंग सीन भी दिए हैं. 1987 में आई फिल्म ‘कामाग्नि’ में आलोकनाथ टीना मुनीम के साथ रोमांस करते नजर आए थे यही नहीं उन्होंने पेड़ों के इर्द गिर्द डांस भी किया था.

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