भोजपुरी क्वीन आम्रपाली दुबे ने निरहुआ के लिए किया तीज, कहा- ‘कबहू न साथ छूटे हमरा बलम के’

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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में सुहागिनों के लिए तीज व्रत का खास महत्व है जो पंजाब और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मनाए जाने वाले हरियाली तीज से अलग है. इस मौके पर भोजपुरी गीतों के सहारे व्रती रतजगा करती हैं. इस दौरान पारंपरिक गीतों की जगह अब हिट भोजपुरी फिल्मों के गानों ने ले ली है. इस बार पिछले साल रिलीज हुई फिल्म राजा बाबू का गाना .. कबहू न साथ छूटे हमरा बलम के.. काफी सुना जा रहा है. इसे गाया कल्पना और पामेला जैन ने है और फिल्माया गया है कि एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे और मोनालिसा पर.

यहां तीज के साथ ही चौठी के चांद का भी बहुत महत्व है जिसे महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के तौर पर मानाया जाता है. सूर्य के अलावा चांद को अर्घ्य देने की परंपरा शायद बिहार के अलावा किसी और प्रदेश में नहीं है.

वहीं तीज व्रत महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं. इस व्रत में भी भगवान शिव की पूजा होती है. तभी तो राजा बाबू के इस गाने के बोल भी शिव की अराधना में ही लिखे गए हैं.. कबहू न साथ छूटे हमरा बलम के करि ले पूजनवा तोहार हे भोले बाबा..

प्यारे लाल यादव के लिखे इस गीत को काफी पसंद किया जा रहा है. तीज के बाद जीतिया मनाया जाता है जो बेटे की मंगलकामना के लिए की जाती है.

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