B’day Special: दमदार आवाज वाले शत्रुघ्न सिन्हा के डायलॉग्स आज भी हैं बेहद मशहूर

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शत्रुघ्न सिन्हा

लाइव सिटीज डेस्कः भारतीय सिनेमा को ‘खामोश’ जैसा फेमस डायलॉग देने वाले शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा आज 72 साल के हो गए हैं. जी हां, बॉलीवुड के ‘बिहारी बाबू’ शत्रुघ्न सिन्हा का आज जन्मदिन है. शत्रुघ्न ने अपने अनोखे अंदाज और बेहतरीन अभिनय से बॉलीवुड को ‘कालीचरण’, ‘विश्वनाथ’, ‘दोस्ताना’, ‘शान’, ‘क्रांति’, ‘नसीब’ और ‘काला पत्थर’ जैसी फिल्में देकर दर्शकों का दिल जीता है. शत्रुघन को बिहारी बाबू के नाम से भी जाना जाता है. उनका जन्म पटना में हुआ था.

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आजादी से दो साल पहले भुवनेश्वरी प्रसाद सिन्हा और श्यामा देवी सिन्हा को चौथे संतान की प्राप्ती हुई. पहले से तीन संतान थे. तीनों के तीनों लड़के. नाम थे राम, लक्ष्मण और भरत. चौथा भी लड़का ही हुआ. शायद भगवान भी ये चाहते थे कि जो अधूरा रह गया है उसे पूरा कर दिया जाए. जो अधूरा रह गया था वह शत्रुघ्न से पूरा हो गया. जी हां, नाम रखा गया शत्रुघ्न प्रसाद सिन्हा. आगे चल कर इन्होंने दो फिल्मों में एसपी सिन्हा नाम रखा फिर अपने नाम से प्रसाद हटाकर शत्रुघ्न सिन्हा बन गए और उसके बाद की कहानी सबके सामने है.

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9 दिसंबर 1945 को पैदा हुए शत्रुघ्न सिन्हा को इनके पिता डॉक्टर या वैज्ञानिक बनाना चाहते थे, लेकिन इनके मन में कुछ और ही था. पटना साइंस कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा अपने सपने को पूरा करने के लिए जाने-माने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में दाखिला लिया. यहां से एक्टिंग सीखा और निकल पड़े सपनों के शहर की तरफ.

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शत्रुघन मुंबई आए और उन्हें पहला ब्रेक देव आनंद ने दिया. शत्रु ने देव आनंद की फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ में एक पाकिस्तानी मिलिट्री अफसर का किरदार निभाकर अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने 1969 में मोहन सहगल की फिल्म ‘साजन’ में एक पुलिस इंस्पेक्टर का छोटा सा रोल किया था.

फिल्म ‘मेरे अपने’ में शत्रुघ्न सिन्हा ‘छेनू’ का किरदार निभाकर काफी फेमस हो गए थे. फिल्म ‘मेरे अपने’ में शत्रुघ्न सिन्हा ‘छेनू’ का किरदार निभाकर काफी फेमस हो गए थे. उसके बाद ‘कालीचरण’ फिल्म में काम करके शत्रु बॉलीवुड में लाइमलाइट में आए. ‘कालीचरण’ रिलीज होने के बाद 24 घंटे में शत्रुघ्न ने यूनिट मेंबर्स को अपनी एक महीने की सैलरी को बोनस के रूप में देने का ऐलान कर दिया था.

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फिल्मों में काम के दौरान ही एक बार उनकी मुलाकात पूर्व मिस यंग इंडिया पूनम चंडीरमानी से हुई. पूनम भी एक्टिंग में करियर बनाना चाहती थीं. वो चंद फिल्मों में भी नजर आईं. शत्रु उन्हें देखते ही दिल दे बैठे. धीरे-धीरे मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा. एक बार पूनम और शत्रुघ्न ट्रेन से कहीं घूमने जा रहे थे तभी चलती ट्रेन में उन्होंने एक पेपर पर फिल्म ‘पाकीजा’ का फेमस डायलॉग ‘अपने पांव जमीन पर मत रखिएगा…’ ‌‌लिखा. इसके बाद वो घुटनों पर बैठे और ये खत देकर पूनम को प्रपोज कर दिया. लेटर पढ़कर पूनम मुस्कुरा दीं और हां बोल ‌दिया.

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शत्रु ने अपने बड़े भाई राम से पूनम से शादी करने की इच्छा जाहिर की. राम सिन्हा अपने छोटे भाई का प्रस्ताव लेकर पूनम की मां से मिलने के लिए उनके घर गए. राम की बात सुनते ही पूनम की मां भड़क गईं. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी दूध जैसी गोरी और कहां वह लड़का, वह भी चोर की एक्टिंग करता है. वह मेरी बेटी से कैसे शादी करेगा. उस दिन तो राम सिन्हा घर आ गए, लेकिन बाद में इन दोनों ने अपनी तरह से बात की और फिर दोनों की शादी हो गई. कहते हैं कि जब शत्रुघ्न की पूनम से शादी हुई तो उनका अफेयर रीना रॉय से भी चल रहा था.

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बॉलीवुड में शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय का अफेयर लंबे समय तक रहा. रीना और शत्रुघ्न की जोड़ी सुपरहिट मानी जाती थी. दोनों ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया. इसी बीच दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया था. एक बार रीना किसी काम के सिलसिले में लंदन गई हुई थीं. तभी शत्रुघ्न ने पूनम से शादी कर ली. ये खबर सुनकर रीना चौंक गई थीं और तुरंत लंदन से वापस आ गईं. इसके बाद वो सीधा शत्रुघ्न के घर पहुंची और उनसे जवाब मांगा.

एक इंटरव्यू में शत्रुघ्न ने ये बात मानी थी कि शादी के बाद भी उनके रीना के साथ संबंध थे. वहीं पूनम ने भी कहा था कि वो अपने पति और रीना के अफेयर के बारे में सब कुछ जानती थी. इसके चलते दोनों में टकराव भी हुआ. लेकिन आखिरकार सब ठीक ही हो गया. शादी के बाद शत्रुघ्न के दो बेटे लव, कुश और एक बेटी सोनाक्षी हुई. 70 के दशक में अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न के बीच प्रतियोगिता का दौर था. दोनों के बीच टकराव की खबरें आईं लेकिन अब दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा के डायलॉग आज भी बेहद मशहूर

हम आज उनके फिल्मी करियर और राजनीति पर बात नहीं करेंगे. हम बात करेंगे उनके मशहूर डायलॉगों की. अमिताभ बच्चन के बाद शत्रुघ्न सिन्हा अपने जमाने के इकलौते अभिनेता हैं जिनके डायलॉग आज भी लोग बोलते हैं. खास अंदाज और आवाज के कारण शत्रुघ्न सिन्हा के फिल्मों के डायलॉग बहुत मशहूर हुए जो आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हुए हैं. आइए याद करते हैं उनके ऐसे ही कुछ फेमस डायलॉग्स

-जली को आग कहते हैं, बुझी को राख कहते हैं. जिस राख से बारूद बने उसे विश्वनाथ कहते हैं.

-आज कल जो जितनी ज्यादा नमक खाता है.. उतनी ज्यादा नमक हरामी करता है.

-पहली गलती माफ कर देता हूं, दूसरी बर्दाश्त नहीं करता.

-मैं तेरी इतनी बोटियां करूंगा कि आज कोई गांव का कुत्ता भूखा नहीं सोएगा.

-जब दो शेर सामने खड़े हो तो भेड़िए उनके आस-पास नहीं रहते.

-आज के जमाने में बेइमानी ही एक ऐसा धंधा रह गया है जो पूरी इमानदारी से के साथ किया जाता है.

-आप आग के पास रहकर शांत नहीं हैं और हम दिल में आग रखकर भी शांत हैं.

-अपनी लाशों से हम तारीख को आबाद रखे, वो लड़ाई हो कि अंगरेज जिसे याद रखे.

-जिंदगी इंसान को लाती है और मौत ले जाती है. ये शराब बीच में कहां आती है.

-भड़की हुई आग को बुझाने के लिए जो फूंक मारने की कोशिश करता है, उसका चेहरा जल जाता है.

-हम तेरे पैरों के नीचे की जमीन इतनी गरम कर देंगे कि तेरे जूतों तक में छाले पड़ जाएंगे.

-हाथी अगर चींटी के ऊपर पैर रख दे तो चिंटी मरती नहीं उसे मसलना पड़ता है.

-बिल्ली के नाखून बढ़ जाने से बिल्ली शेर नहीं बन जाती.

-हम वो पंडित हैं जो शादी भी कराते हैं और श्राद्ध भी.

-औरत पर हाथ उठाना नामर्द की पहली निशानी है.

-तीसरे बादशाह तो खुद हम हैं.

-कह देना छेनू आया था.