सचिन-सचिन के नारों से गूंजा सिनेमा घर

लाइव सिटीज टीम: दुनियाभर में क्रिकेट के भगवान के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर की जिंदगी पर आधारित फिल्म “सचिन, ए बिलियन ड्रीम्स” शुक्रवार को रिलीज हो गई है। इस फिल्म का लोगों को बेहद इंतजार था.

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फिल्म फैंस को बेहद पसंद आ रही है. हमेशा सचिन के बैटिंग के समय पूरे स्टेडियम में सचिन-सचिन के नारे लग जाते थे. इस फिल्म ने सिनेमाघरों में उसी तरह से फैंस के लिए स्टेडियम वाला अनुभव वापस लौटा दिया है.

इस फिल्म को देखने के बाद अभी तक सचिन की जीत पर खुशी मनाने वाले और हार पार उन्हें गालियां देने वालों को उस समय सचिन के मन में चलने वाली बातों का भी पता चलेगा.
फिल्म देशभर के लोगों के भाव के साथ ये दिखाएगी की किसी मैच को हारने के बाद सचिन को कैसा लगता था? या किसी बॉलर का सामने करने पर उनके दिमाग में क्या ख्याल होते थे? वर्ल्डकप हारने पर फैंस का गुस्सा देख-देख उन्हें क्या महसूस हुआ?

अपने परिवार के लिए वो कैसे हैं? उनके पिता की मौत के तुरंत बाद इंग्लॅण्ड के मैच में पहुंचते हुए उनके दिल पर क्या बीती? ये फिल्म सचिन के एक खिलाड़ी से क्रिकेट का भगवान बनने के सफर को दिखा रही है.

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इस फिल्म में बचपन से सचिन का क्रिकेट प्रेम दिखाया है और दिखाया है कैसे 1983 के वर्ल्ड कप ने सचिन के मन में खुद एक बार वर्ल्ड कप जीतने का जज्बा जगाया.

फिल्म रिलीज के पहले ही दिन फैंस की बदौलत इस मुकाम पर पहुंच गई है कि इसके बारे में अच्छी या बुरी किसी भी तरह की राय देना मुमकिन नहीं.फिल्म ने पहले ही दिन सबके दिलों में जगह बना ली है.

फिल्म देखने के बाद महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा था कि इस फिल्म को देशभर में सभी को देखना चाहिए. फिल्म देखकर सभी फैंस का यही कहना है कि माता-पिता को अपने बच्चों को ये फिल्म जरूर दिखानी चाहिए.

इस फिल्म से बच्चों को अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी. फिल्म केवल सचिन की जिंदगी ही नहीं दिखाती बल्कि लोगों को जीने के नए पहलू भी सिखाएगी.

फिल्म की शुरुआत से अंत तक सचिन के लिए इज्जत केवल बढ़ी है और सिनेमाघर स्टेडियम की तरह सचिन-सचिन के नारों से गूंजा.