पिछले 12 सालों से बनारस में रह रहा है ये फ्रांसीसी,मुफ्त में गरीबों और मजलूमों का करते हैं इलाज

लाइव सिटीज डेस्क : भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध नगर है. इसे ‘बनारस’ और ‘काशी’ भी कहते हैं. इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक माना जाता है और इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है. काशी में लाखों विदेशी शांति, मुक्ति, आध्यात्म और गंगा घाटों पर रहस्य को ढूढ़ने आते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही फ्रांसीसी की स्टोरी बता रहे हैं, जो पिछले 12 सालों से काशी में ऐसे गरीबों और मजलूमों का फ्री में इलाज कर रहे हैं, जिनका अपना परिवार भी बुरे समय में उनसे मुंह फेर लेता है.

दोस्तों के साथ बनारस घूमने आए थे मिशेल



फ्रांस के रहने वाले मिशेल बेटल ने बताया, ”साल 2000 में फ्रांस से अपने दो दोस्तों के साथ बनारस घूमने आया था. यहां मदर टेरेसा के आश्रम में गया तो देखा कि लोग असहाय लोगों की बिना उन्हें जाने दिल से सेवा कर रहे थे.”

”इस सेवा भाव को देखकर मेरे मन में भी सेवा भाव का विचार उठा. इसके लिए मैंने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ‘एक्शन बनारस’ नाम से एक रिक्शे से घूम-घूमकर गरीबों की सेवा शुरू की.

एक संस्था ‘अजीर प्योर बनारस’ 

हालांकि, कुछ दिनों बाद दोस्त अपने देश वापस चले गए. ”2005 में अपनी एक संस्था ‘अजीर प्योर बनारस’ (पूरी तरह बनारस के) बनाई. चेत सिंह किले के सामने एक किराए का मकान लेकर डिस्पेंसरी खोली और लग गए गरीबों की मदद करने.

फ्रांस के सिल्वा (नेवी में नर्स) छुट्टी में काशी आकर लोगों की सेवा करते हैं. मरिया भी फ्रांस में नर्स हैं, ये भी 6 महीने के लिए काशी आई हैं. सभी का मानना है कि घावों को देखकर किसी को छोड़ देना इंसानियत नहीं है, बल्कि दवाओं के साथ प्यार जख्मों को भरता है.

मिशेल ने अपनी एक संस्था ‘अजीर प्योर बनारस’ (पूरी तरह बनारस के) बनाई है.