इस मकर संक्रांति दही-चूरा और तिल खूब खाएं, पर इन चीजों को भूल कर भी न अपनाएं

लाइव सिटीज डेस्क : मकर संक्रांति में अब कुछ ही दिन बचे है. इस त्योहार से जुड़ी आपकी भी कई यादें होगी. भारत में यह त्योहार का अलग ही खुमार रहता है. हर किसी के जीवन में इस त्योहार से जुड़ी कई यादें होती है, आपकी भी होंगी. क्योंकि इस दिन ज्यादातर लोग काम के साथ नहाने से भी छुट्टी लेते है. अरे भाई जिस तरह की ठंड पर रही है, उसमें कौन नहाना चाहेगा ? मकर संक्रांति का दिन तो भर पेट दही-चूरा और तिल खाकर धूप का आनंद लेने के लिए होता है. साथ ही हवा में उरती ढेर सारी पतंगो और उन्हें काटने के लिए प्रतिस्पर्धा में गुजारने वाला होता है. फिर दिन भर की पतंगबाजी में एक-दूसरे की पतंगो को काटने की फिराक में कब शाम हो जाता, पता भी नहीं चलता. और रात्रि में खिचड़ी और उनके चार यार यानि चोखा, चटनी, घी आचार के साथ पेट पूजा के साथ इस पर्व का सम्मापन होता है.

 

लेकिन हर बार की तरह इस मकर संक्रांति भी ज्योतिष द्वारा त्योहार को मनाने के लिए कई निर्देश दिए गए है. इस बार ये त्योरहार दो दिन मनाया जाएगा. जानकार बता रहे हैं कि 14 जनवरी की दोपहर 1:47 बजे सूर्यदेव का प्रवेश मकर राशि में होगा. इसके बाद 15 जनवरी को संक्रांति सुबह 5:11 बजे तक रहेगी. दरअसल, संक्रांति में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का असर हर राशि पर अलग होता है. हालांकि इस दिन राशि अनुसार दान करने की महिमा ज्यादा बताई गई है. लेकिन वही ज्योतिषों की माने तो संक्रांति पर कुछ चीजों से बचना भी चाहिए. नहीं तो ग्रहों की दशा खराब होने से हर राशि पर बुरे प्रभाव भी पड़ते है. आइए जानते है मकर संक्रांति पर क्या नहीं करना चाहिए.

इस दिन पुण्यकाल में दांत मांजने या बाल धोने से बचना चाहिए.

इस दिन फसल नहीं काटनी चाहिए और न ही गाय या भैंस का दूध निकालने जैसा काम करना चाहिए.

इस पुण्य कार्य के दौरान किसी से भी कड़वे बोलना अच्छा नहीं माना गया है.

साथ ही इस दौरान आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि किसी भी वृक्ष को नहीं काटें.

वहीं मांस और शराब के सेवन से भी इस दिन बचना चाहिए. खिचड़ी या सत्तु का भोजन ग्रहण करें.

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