9 घंटे से ज्यादा काम नहीं करवा सकती कंपनी, नौकरी वाले हर व्यक्ति को पता होने चाहिए ये 9 अधिकार

लाइव सिटीज डेस्क : भारत में कई चीजों को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है. उन्हें यही नहीं मालूम होता की उनके क्या अधिकार हैं ऐसे में कंपना वाले उनसे काम तो बराबर लेते हैं लेकिन सैलरी के नाम पर बहुत कम पैसे देते हैं. आज हम आपको आपके कुछ अधिकारों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. भारत के लॉ ने इम्प्लॉई को कई अधिकार दिए हैं.

हालांकि प्राइवेट नौकरी कर रहे इम्प्लॉई के लिए अलग से कोई विशेष अधिकार नहीं दिए गए हैं, लेकिन कुछ ऐसे लॉ हैं जो सभी इम्प्लॉईज पर लागू होते हैं. जैसे आप किसी भी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं तो संबंधित कंपनी को लिखित में इम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट देना जरूरी है. यह एक लीगल डॉक्युमेंट होता है. इसमें इम्प्लॉयमेंट की टर्म्स एंड कंडीशंस लिखी होती हैं. इससे इम्प्लॉयर के साथ ही इम्प्लॉई को भी सिक्योरिटी और प्रोटेक्शन मिलता है.



लॉ के मुताबिक किसी भी इम्प्लॉयर को यह एग्रीमेंट अपने इम्प्लॉई को देना जरूरी है. कंपनी में काम शुरू करने से पहले ही यह एग्रीमेंट आपको मिलना चाहिए. हर इम्प्लॉई को यह एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ना चाहिए. यदि आपको लगता है कि इसमें कोई ऐसी शर्त है जो गलत है तो आप अपनी से बात कर सकते हैं या प्रोफेशनल हेल्प ले सकते हैं.

1. छुट्टियों का होता है अधिकार

इसी तरह हर इम्प्लॉई को छुट्टी लेने का अधिकार होता है. इसमें कैजुअल लीव, सिक लीव, अर्न्ड लीव और दूसरी लीव शामिल होती हैं. यदि कोई इमरजेंसी आ जाती है तो आप कैजुअल लीव ले सकते हैं. बीमार पड़ने पर आप सिक लीव का यूज कर सकते हैं. अर्न्ड लीव लंबी छुट्टियों की कैटेगरी में आती हैं और ये पहले से प्लान होती हैं. वहीं इसके अलावा भी कई छुट्टियां होती हैं. इसमें पेड, अनपेड और हाफ पेड लीव शामिल होती हैं. ऐसे में आप अपनी जरूरत के हिसाब से छुट्टी प्लान कर सकते हैं.

2. किसी भी इम्प्लॉई को मिनिमम वेज पर ही जॉब पर रखा जा सकता है. श्रन कार्यालय से आप मिनिमम वेज की जानकारी ले सकते हैं.

3. इम्प्लॉई को महीने की 10 तारीख तक हर हाल में पेमेंट मिल जाना चाहिए.

4. समान काम के लिए अलग-अलग सैलरी देना सही नहीं. महिला हो या पुरूष काम एक जैसा है तो सैलरी भी एक समान होना चाहिए.

5. 9 घंटे से ज्यादा कोई कंपनी काम नहीं करवा सकती.

6. सप्ताह में एक दिन की छुट्टी हर इम्प्लॉई को मिलना ही चाहिए.’

7. अगर इम्प्लॉयर कम सैलरी देता है तो आप श्रम निरीक्षक को शिकायत कर सकते हैं.

8. अगर कोई इम्प्लॉई कम सैलरी पर काम करने को तैयार हो जाए, फिर भी इम्प्लॉयर की जिम्मेदारी है कि वे उसे पूरा भुगतान करे.
9. सैलरी की भुगतान नगद किया जाना चाहिए.