भारत का सबसे बड़ा किचन, यहां 3 घंटे में बनता है 15 लाख बच्चों का खाना

लाइव सिटीज डेस्क : भारत देश में कई तरह की अजीबोगरीब चीजें होती रहती हैं जिसके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं होता है. ऐसे में आज हम आपको इस देश के सबसे बड़े किचन के बारे में बताने जा रहे हैं. ये हैं भारत के सबसे बड़े किचन जहां खाना सौ या हजार लोगो के लिए नहीं बल्कि बनता है लाखों लोगो के लिए. कुछ रसोई तो ऐसी भी हैं जो लोगो को फ्री में खाना खिलाती हैं.



दरअसल, बेंगलुरु में मौजूद अक्षय पात्र फाउंडेशन के किचन अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस एनजीओ के किचन मिलकर 3 घंटे के अंदर 15 लाख स्कूल बच्चों का खाना बना लेते हैं. ये एनजीओ देश के दस राज्यों के 9 हजार से ज्यादा स्कूलों में मिड डे मील पहुंचाता है. हम आपको दिखा रहे बेंगलुरु के वसंतपुरा में बने इनके एक प्लांट के इन्साइड फुटेज कि आखिर कैसे इतनी तेजी से यहां बन जाता है लाखों बच्चों का खाना.

ऐसे होता है काम

देश के राज्यों में इस एनजीओ के किचन बने हुए है. इनमें से कुछ दुनिया के सबसे बड़ किचनों में शामिल हैं. यहां फूड की प्रो प्रोसेसिंग से लेकर फाइनल कुकिंग और पैकिंग तक के लिए अलग-अलग फ्लोर बने हुए हैं. हर किचन में हजारों वर्कर दिन-रात काम करते हैं.

अल सुबह 3 बजे से शुरू हो जाता है काम

यहां कुकिंग का काम अल सबुह 3 बजे से शुरु हो जाता है. एक यूनिट में लगभग 7 टन चावल, 7 टन सब्जियां और 2 टन दाल एक बार में प्रोसेस की जाती है.फाउंडेशन की एक किचन एक बार में 50 हजार से 1.5 लाख बच्चों का खाना बना सकती है. वहीं देश में फैली इनकी सारी किचन मिलकर 3 घंटे के समय में 15 लाख बच्चों का खाना बनाने की कैपेसिटी रखती है. इस फाउंडेशन की सबसे बड़ी किचन बेंगलुरु और हुबली में में हैं जो 1.85 लाख से 2 लाख लोगों का खाना बना सकती है.

एक बार में कटती हैं इतनी सब्जियां

यहां पर सब्जियां काटने के लिए भी बड़े-बड़े कटर लगे हुए जिसमें एक बार में 500kg सब्जियां काटी जाती हैं. सब्जियां कटने के बाद मशीनों के जरिए दूसरे फ्लोर पर पहुंच जाती हैं, जहां कुकिंग शुरु हो जाती है. ये पूरी प्रोसेस 3 घंटे में पूरी हो जाती है। इसके बाद खाने को पैक किया जाता है. जो किसी भी हाल में 6 से 7 बजे के बीच डिलिवरी वैनों में पहुंच जाता है.

बायो फ्यूल का होता है इस्तेमाल

इस आधुनिक किचन में विशालकाय मशीनें, बॉयलर और वैक्यूम पंप्स की मदद से खाना पकाया और प्रोसेस किया जाता है. इन मशीनों को चलाने के लिए खासतौर पर बायो फ्यूल का इस्तेमाल किया जाता है. बायो फ्यूल के तौर पर यहां शुगर मिल से निकले वेस्ट प्रोडक्ट को इस्तेमाल किया जाता है.