ये कीड़े-मकोड़े हैं बड़े काम के, पहचान लें इन्हें…

लाइव सिटीज डेस्क : अपने हर रोज के जीवन में आप कितने कीड़े-मकोड़े को देखते होंगे. लेकिन क्य़ा आपने कभी सोचा है कि प्रकृति इन्हें क्यों बनाया है? जिस तरह सभी जीवों को धरती पर कोई रोल होता है. क्या कीड़े-मकोड़ों की भी कोई भूमिका होती है. कीड़े-मकोड़ों को लेकर लोगों के बीच एक आम धारणा भी है कि वो गंदे होते हैं. बीमारी फैलाते हैं. उनके पास जाने से नुकसान भी हो सकता है. लेकिन क्या सब कीड़े-मकोड़े ऐसे ही होते हैं? क्या सब हानिकारक और गंदगी ही फैलाते हैं.

 



नहीं, ऐसा बिलकुल भी नहीं है. कुछ कीड़े इंसानों की मदद भी करते हैं. उनके कारण हमें खाना मिलता है. धरती साफ रहती है और वे हमें खतरे से भी आगाह करते हैं. बस उन्हें पहचानने की जरूरत है. क्या कभी आपने सोचा कि आखिर क्यों जुगनू रात में ही चमकते हैं? क्यों मकड़ियों की गिनती कीड़ों में नहीं होती? ऐसे ही कई सवाल हैं, जो आपके मन में भी उठते होंगे. आइए जानते हैं रोज दिखने वाले कीड़े-मकोड़ों के बारे में…

शहद बानती है मधुमक्खी

अगर कीड़ों की बात करें, तो मधुमक्खी से मददगार कीड़ा कोई नहीं. क्योंकि ये हमारे लिए मिठास का जुगाड़ करती है यानी शहद बनाती है. जिसे हम बड़े ही चाव से ब्रेड के साथ खाते हैं. मधुमक्खियों के कारण ही फूलों, फल और सब्जियों का परागण संभव हो पाता है.

पसंदीदा गुबरैला

गुबरैला यह शायद आपके लिए नया हो. लेकिन यह अपने रंग-बिरंगे रूप के कारण आकर्षक दिखता है. और लोग इसे पसंद भी करते हैं. अगर इसकी फायदे की बात करें, तो यह पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों को खा जाते हैं. एक मादा गुबरैला एक दिन में करीब 50 कीड़े खा जाती है और जीवन भर में हजारों.

खुश किसान

इस कीड़े का नाम है खुश किसान. अब नाम में किसान जुड़ा है, तो इससे ही आप समझ सकते हैं कि यह किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला कीड़ा है. खुश किसान कीड़ा खराब पत्ते को खाते हैं और फसलों को कीड़े लगने से भी बचाते हैं. ये उन किसानों के बहुत काम आते हैं जो बिना केमिकल के नुकसानदायक कीड़ों से फसलों को बचाना चाहते हैं.

परजीवी

स्कॉर्पियन बर्रे भले ही इंसान के लिए नुकसानदायक नहीं हों, लेकिन कुछ कीड़ों को ये खत्म कर देते हैं. ये अक्सर पतंगों, गुबरैले के अंदर घुस कर अंडे देते हैं. इसमें से निकलने वाला लार्वा कीड़ों को अंदर से खाकर बाहर आ जाता है.

हमलावर


ग्राउंड बीटल कहे जाने वाले ये कीड़े उनका शिकार करते हैं, जिन्हें हम नहीं चाहते. जैसे लकड़ी में पनपने वाले कीड़े, घोंघा, इल्ली को खा जाते हैं. आलू में होने वाले जिद्दी कीड़ों की भी इनके आगे कुछ नहीं चलता. वे दुनिया भर में पाए जाते हैं और कहीं कहीं इन्हें संरक्षित भी किया गया है.