कभी भारत में थे सुपरहिट, इंटरनेट की वजह से ये 7 भारतीय बिजनेस हो गए खत्म

लाइव सिटीज डेस्क : भारत में इंटरनेट की क्रांति बहुत जोर शोर से बढ़ती जा रही है. लेकिन इस बीच इंटरनेट की वजह से देश में कई ऐसे बिजनेस हैं जो कब के खत्म के हो गए हैं. जिन्हें हम अब बस केवल याद ही कर सकते हैं. हांलाकि, ये अभी भी कुछ जगहों पर चल रहे हैं लेकिन बहुत जल्द ही खत्म हो जाएंगे. अब कुछ बात इंटरनेट के बारे में कर लेते हैं.

इंटरनेट के आने से नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं. कारोबार की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं तो वहीं, इसके जरिए अब लोग अपने घर में बैठकर नौकरी कर रहे हैं. इन्टरनेट के माध्यम से एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं. यह इंटरनेट का एक उजला पक्ष है. इसका दूसरा पक्ष स्याह है. इसके आने की वजह से कुछ ऐसे बिजनेस बंद हो गए हैं जो भारत में कभी सुपरहिट हुआ करते थे.



फोटो स्टूडियो

इन्टरनेट, स्मार्टफोन आने की वजह से फोटो स्टूडियो लगभग खत्म होने को हैं. इन्टरनेट की वजह से कोडेक का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अब लोग एलबम नहीं तैयार कराते, बल्कि डिजीटल फ्रेम का चलन है.

केबल टीवी

एक दौर में केबल अॉपरेटर का बिजनेस बढ़ियां चलता था. अब डीटीएच का दबदबा है. बड़ी कंपनियां बाजार में हैं. और तो और अब मोबाइल पर पर लाइव टीवी देख सकते हैं। यह इन्टरनेट का जमाना है.

बुक स्टोर

किताब की दुकानें अब बुक लॉन्चिंग के लिए उपयोग में लाई जाती हैं. किताबें खरीदने के लिए लोग ऑनलाइन ऑर्डर देना अधिक पसंद करते हैं.

विडियो रेन्टल

यह बिजनेस भी लगभग खत्म हो गया है. अब सीडी, डीवीडी ऑनलाइन मंगवाए जा सकते हैं. जहां तक सिनेमा की बात तो यह इन्टरनेट से डाउनलोड की जा सकती है. अब ढेर विकल्प हैं.

अखबार और मैगजीन प्रिटिंग

अखबार और मैगजीन अब पुरानी चीजें होती जा रही हैं. अखबार और मैगजीन चलाने वाले प्रकाशकों की चलती रही है. ये मुनाफे के बिजनेस थे. अब ई-बुक्स, ई-लाइब्रेरी, ई-मैगजीन और न्यूज पोर्ट्ल्स के चलते पब्लिशिंग हाउस घाटे में रहने लगे हैं. इंटरनेट पर ई-रीडिंग तेजी से पॉपुलर हो रही है.

डिक्शनरी और इन्साइक्लोपीडिया

अगर किसी चीज के बारे में जानना हो तो इन्टरनेट जिन्दाबाद. शब्‍दकोश, डिक्‍शनरी जैसे मोबाइल ऐप की वजह से डिक्शनरी और इन्साइक्लोपीडिया खत्म होने की कगार पर हैं.

साइबर कैफे

जब इन्टरनेट का विस्तार हो रहा था, उस वक्त साइबर कैफे मुनाफे वाला बिजनेस था. अब स्मार्टफोन और घर-घर इन्टरनेट की वजह से साइबर कैफे की जरूरत नहीं पड़ती.