पटना की सड़कों पर रामनवमी में हर साल ‘जलरथ’ लगाते हैं ये मुस्लिम भाई,मदद के लिए रहते हैं तैयार

लाइव सिटीज डेस्क : राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में 25 मार्च को रामनवमी की धूमधाम है. शहर में 32 जगहों से शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होने वाले हैं. वहीं पूजन-दर्शन के लिये शहर के तमाम महावीर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है. सबसे अधिक भीड़ जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में उमड़ती है. पूरे देश में रामनवमी का त्योहार मनाया जा रहा है.

इस त्योहार में कुछ मुस्लिम युवा भी हिन्दू भाईयों के इस त्योहार में शरीक होकर उनकी मदद कर रहे हैं. हम अक्सर सुनते आ रहे हैं कि मुस्लिम भाई छठ का अवसर हो या दिवाली का त्योहार या फिर रामनवमी में पताका से लेकर मिट्टी के चुल्हे तक बनाते हैं.

ये मुस्लिम भाई भी इसी तरह कुछ अलग कर रहे हैं. पटना शहर में ये मुस्लिम युवा महावीर मंदिर के पास जलरथ लगाते हैं. इनका नाम सोनू नाज है जो पिछले पांच सालों से रामनवमी के अवसर पर ‘जलरथ’ का इंतजाम करते आ रहे हैं.

सोनू नाज रामनवमी के दिन हर साल ‘जलरथ’ लगाते हैं

सोनू नाज का पटना में अपना एक ड्राइवरों का ग्रुप है. ये ग्रुप हर साल रामनवमी के दिन महावीर मंदिर के पास जल रथ लगाता है. इस जलरथ के द्वारा रामनवमी में आए श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल और शर्बत पिलाने का कताम करते हैं ताकि दर्शन के लिए पंक्ति में खड़े रहने वाले भक्तों को गर्मी से राहत मिल सके. सोनू नाज कहते हैं कि हमारे जल रथ स्टॉल के पास दूसरे मुस्लिम भाई दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को शर्बत और शीतल पेय जल देते हैं. इस दौरान ग्रुप के सदस्य श्रद्धालुओं की हर मदद के लिए तत्पर रहते हैं.

इस ग्रुप के लोगों का कहना है कि हमारे ग्रुप में सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर निस्वार्थ भाव से मानव सेवा करते हैं. ग्रुप के संस्थापक सोनू नाज मुस्लिम हैं और अपने ग्रुप में दलित से लेकर ब्राह्मण सभी जातियों को शामिल कर चुके हैं. 50 से ज्यादा मुस्लिम सदस्य इस ग्रुप के लिए काम करते हैं.

3 महीने तक इको पार्क के पास रहता है जलरथ

सोनू नाज बताते हैं कि रामनवमी के बाद हम जल रथ को इको पार्क के पास लगा देते हैं. जल रथ यहां तीन महीने तक रहता है. यहां से गुजरने वाले राहगीर इसी जल रथ से पेयजल पीते हैं. जून के बाद हम जल रथ यहां से हटा लेते हैं. सोनू के अनुसार उनका ग्रुप दीघा घाट के पास छठ के अवसर पर भी स्टॉल लगाते हैं. इस स्टॉल पर छठ व्रतियों के लिए पूजा सामग्री व प्रसाद रहता है. साथ ही उनके ग्रुप के सदस्य घाट तक पहुंचने में छठ व्रतियों की मदद करते हैं.

सोनू नाज का कहना है कि उन्होंने इस ग्रुप की शुरुआत मानव सेवा की भाव से की थी. इस ग्रुप के सदस्य जरुरत पड़ने के पर किसी भी व्यक्ति को रक्तदान करते हैं. सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाते हैं. साथ ही हमेशा आपात की स्थिति में किसी की मदद के लिए तैयार रहते हैं. ड्राइवरों की दुनिया के बारे में कई तरह की बातें हैं, लेकिन यह ड्राइवरों की अलग दुनिया है. यहां निगेटिव कुछ नहीं है.

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