1000 साल पुराने भारतीय किले के जैसा दिखता है पाकिस्तान का ये किला, दूर-दूर से देखने आते हैं लोग

लाइव सिटीज डेस्क : भारत में कई ऐसे टूरिस्ट प्लेसेस हैं जिसे देखने देश विदेश से कई लोग देखने आते हैं. लोग दूर दराज के इलाकों से यहां की खूबसूरती को देखने आते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी कई ऐसे किले और टूरिस्ट प्लेस हैं जो बिल्कुल भारत जैसे ही दिखते हैं. इनमें से एक है जैसलमेर का किशनगढ़ किला.



1000 साल पहले बना यह किला हूबहू पाकिस्तान के बहावलपुर में मौजूद देरावर किले जैसा नजर आता है. 1965 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने इसी किले पर हमला बोला था. जिसके बाद भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाक को वापस खदेड़ दिया था.

इस किले का निर्माण भुट्टे दावद खां उर्फ दीनू खां ने करवाया. यही कारण है कि इसका नाम दीनगढ़ पड़ा. बताते हैं कि दावद खां के पौत्रों से हुई संधि के बाद महारावल मूलाराम के समय इसका नाम किशनगढ़ रखा गया. इस किले को हासिल करने के लिए मुगल शासकों ने काफी कोशिशें की थी लेकिन वो जीतने में नाकाम रहे थे.

किला मजबूती के साथ-साथ सुंदरता को भी ध्यान में रखकर बनाया गया था. इस दुर्ग में 8 से अधिक बुर्ज बने हैं. ये दुर्ग को मजबूती, सुंदरता व सामरिक महत्व प्रदान करते थे. आजादी के बाद जैसलमेर रियासत के समय पाकिस्तान के लड़ाके हूर्रो का काफी आंतक किशनगढ़ में रहा। जिससे इसे काफी नुकसान पहुंचा था.

जैसलमेर इतिहासकारों के अनुसार, सीमावर्ती इलाके में बना किशनगढ़ दुर्ग मुस्लिम शैली में बना हुआ है. 18वीं शताब्दी का यह दुर्ग वास्तुशिल्प संरचना का सुंदर नमूना है. यह किला पक्की ईंटों से बना हुआ है. जिसमें 2 मंजिलें बनी हैं.

इस किले में मस्जिद व महल तथा कोट में एक दरवाजा व पानी का कुआं बना है. किले की बनावट मुस्लिम संस्कृति की प्रतीक है. 1965 के भारत पाक युद्ध में इस किले को खासा नुकसान पहुंचा था. इस किले में देवी की बड़ी-बड़ी प्राचीन मूर्तियां भी हैं. जैसलमेर के किले जहां पत्थरों से निर्मित है. वहीं, किशनगढ़ का किला पूर्ण रूप से ईंटों से बना है.