क्या आप जानते हैं क्या होता है चेक बाउंस, किस एक्ट के तहत होती है कार्रवाई? जानें पूरी डिटेल

लाइव सिटीज डेस्क : एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. साथ ही उनकी पत्नी को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोषी करार दिया है. कोर्ट ने राजपाल यादव, उनकी कंपनी और पत्नी को पांच करोड़ का लोन ना चुकाने के आरोप में दोषी करार दिया है. उनके खिलाफ चेक बाउंस होने की शिकायतें भी दर्ज करवाई गईं. लक्ष्मी नगर की एक कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राजपाल के खिलाफ चेक बाउंस से जुड़ी सात शिकायतें दर्ज करवाईं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चेक बाउंस का मतलब क्या होता है और ऐसा कोई करता है तो उसे कितनी सजा हो सकती है? हम बता रहे हैं चेक बाउंस से जुड़ी पूरी डिटेल…

क्या होता है चेक बाउंस का मतलब ?

कोई भी अकाउंट होल्डर यदि किसी व्यक्ति को चेक देता है तो वह ये प्रॉमिस करता है कि जो तारीख लिखी गई है, उस तारीख तक वह रकम का भुगतान करेगा. इस प्रॉमिस के बाद भी संबंधित व्यक्ति अपने अकाउंट में तय अमाउंट मेंटेन नहीं करता और चेक लगाने वाला उसे बैंक में जमा कर देता है तो ऐसी स्थिति में चेक बाउंस हो जाता है.

किस एक्ट के तहत होती है कार्रवाई ?

निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंसिंग एक क्राइम है. यदि अकाउंट में पर्याप्त फंड न होने के कारण कोई चेक बाउंस हो जाता है तो यह एक क्राइम है. ऐसा करने पर 2 साल की सजा या चेक अमाउंट की दोगुनी रकम तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

चेक बाउंस होने पर क्या किया जा सकता है ?

चेक बाउंस होना तब अपराध है, जब बैंक में 6 माह या उतने समय के अंदर चेक पेश किया जाए, जितने समय तक वह वैलिड है. चेक बाउंस होने पर 30 दिनों के अंदर चेक जारी करने वाले को नोटिस दिया जा सकता है. नोटिस का जवाब 15 दिनों के अंदर देना जरूरी है.

यह नोटिस आप खुद भी भेज सकते हैं और इसमें एडवोकेट की मदद भी ली जा सकती है. संबंधित व्यक्ति कोई जवाब नहीं देता है तो फिर उसके खिलाफ चेक बाउंस का आपराधिक केस किया जा सकता है.

नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर यदि चेक जारी करने वाला राशि का भुगतान नहीं करता है तो आप क्रिमिनल कोर्ट में केस फाइल कर सकते हैं. आप डिस्ट्रिक्ट कोर्ट या फर्स्ट क्लास ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट के यहां मुकदमा फज्ञइल कर सकते हैं. यदि आप डाक से नोटिस भेजते हैं और यह बताया जाता है कि आरोपी घर पर नहीं था या एड्रेस नहीं मिला, तब भी नोटिस तामील होना माना जाएगा.

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