क्या आप जानते हैं CV, Resume और Biodata के बीच का अंतर? जानें किस जॉब के लिए क्या सही

लाइव सिटिज डेस्क : सीवी, रिज्यूमे और बायोडाटा का हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है. इंटरव्यू में जाते वक्त हम अक्सर अपना सीवी, बायोडाटा और रिज्यूमे अपने साथ ले जाते हैं. इनमें आपकी क्वालिफिकेशन से लेकर आपके सारे रिकार्ड्स लिखे जाते हैं. आपने कितनी पढ़ाई की है और और आपकी अब तक क्या-क्या उपलब्धि है ये सारी बातें सीवी, रिज्यूमे और बायोडाटा में लिखी जाती हैं. इन तीनों के बारे में अब तक हम सबने सुना है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीवी, रिज्यूमे और बायोडाटा में क्या अंतर होता है? CV Resume और Biodata का अंतर.

Resume, C.V. और Biodata में से किस पोजिशन के लिए आप क्या भेज रहे हैं, यह जानना भी काफी जरूरी है. बहुत कम लोगों को ही इसके बारे में जानकारी होती है. कभी-कभी तो इंटरव्यू के दौरान भी यह प्रश्न कर लिया जाता है कि सीवी, रिज्यूमे और बायोडाटा के बीच क्या अंतर है? यदि आप भी उनमें से एक हैं जिनको इनके बीच का अंतर नहीं पता तो चलिए आज हम बता रहे हैं इनमें क्या डिफरेंस होता है, और किस जॉब के लिए क्या भेजना सही होता है.

1. रिज्यूमे

रिज्यूमे एक फ्रेंच वर्ड है, इसका मतलब होता है समरी. एक आइडियल रिज्यूमे में किसी पर्सन की एजुकेशन, स्किल्स और इम्प्लॉयमेंट की डिटेल होती है. रिज्यूमे में प्रोफाइल से जुड़ी बहुत ज्यादा डिटेल नहीं दी जाती बल्कि जॉब प्रोफाइल के हिसाब से कुछ चुनिंदा स्किल्स को कस्टमाइज किया जाता है. यूजअली रिज्यूमे 1 या मैक्सिमम 2 पेज का हो सकता है.

कैस होना चाहिए रिज्यूमे

एक अच्छा रिज्यूमे कैंडीडेट की ब्रीफ प्रोफाइल के साथ शुरू होता है. इसके बाद क्वालिफिकेशन समरी और इंडस्ट्री एक्सपीरियंस दिया जाता है. फिर प्रोफेशनल एक्सपीरियंस के बारे में लिखा जाता है, प्रीवियस एक्सपीरियंस सिर्फ समरी में प्रेजेंट किया जाता है. इसके बाद एजुकेशन डिटेल्स और वॉलेंटरी इनिशिएटिव्स की जानकारी दी जाती है.

2. CV (करिकुलम विटे)

करिकुलम विटे एक लेटिन वर्ड है, इसका मतलब होता है “course of life”. यह रिज्यूमे से ज्यादा डिटेल्ड होता है. CV जनरली 2 से 3 पेज का होता है और रिक्वायरमेंट के हिसाब से इससे भी लॉन्ग हो सकता है. इसमें स्किल्स, प्रीवियस जॉब्स, डिग्री, प्रोफेशनल एफिलिएशन के बारे में काल क्रम के हिसाब से बताया जाता है. CV में किसी स्पेशिफिक स्किल्स को हाइलाइट करने के बजाए जनरल टैलेंट को हाइलाइट किया जाता है.

3. BIO-DATA

बायोडाटा (बायोग्राफिकल डाटा) का शॉर्ट फॉर्म है. यह रिज्यूमे, सीवी से पहले की टर्मिनोलॉजी है. इसमें पसर्नल इंफॉर्मेशन जैसे डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, रिलिजियन, नेशनलिटी, रेसीडेंस, मैरिटल स्टेट्स आदि के बारे में बताया जाता है. काल क्रम के हिसाब से एजुकेशन और एक्सपीरियंस की लिस्टिंग की जाती है.

कहां क्या भेजना सही

जब कोई एक्सपीरियंस पीपल किसी स्पेशिफिक पोजिशन के लिए अप्लाई करता है, तो उसके लिए रिज्यूमे भेजना सही है. इसमें स्पेशिफिक स्किल्स के बारे में बताया जाता है. फ्रेश ग्रैजुएट्स और ऐसे लोग जो करियर चेंज करना चाहते हैं उनके लिए सीवी ज्यादा सही होता है. एकेडमिक पोजिशन के लिए अप्लाई करने वाले लोग भी सीवी भेज सकते हैं.

बायोडाटा जनरली गवर्नमेंट जॉब या रिसर्च ग्रांट के लिए अप्लाई करने के लिए भेजा जाता है. यह डिस्क्रिप्टिव होता है. इंटरनेशनल मार्केट में बायोडाटा कॉमन नहीं है. कॉरपोरेट कल्चर में किसी भी कैंडीडेट की पर्सनल डिटेल ज्यादा मायने नहीं रखती.

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मिलो कभी शाम की चाय पे...फिर कोई किस्से बुनेंगे... तुम खामोशी से कहना, हम चुपके से सुनेंगे...☕️

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