सूरज ढलने के बाद पुलिस किसी महिला को अरेस्ट नहीं कर सकती,जानें ऐसे ही महिलाओं से जुड़े 6 अधिकार

लाइव सिटीज डेस्क : अगर आप महिला हैं तो क्या आपको अपने अधिकारों के बारे में पता है? कई महिलाएं अपने लीगल राइट्स (कानूनी अधिकार) को नहीं जानती हैं. ऐसे में इन महिलाओं को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हम आज आपको महिलाओं से जुड़े ऐसे अधिकारों के बारे में बताने जा रहे हैं जो हर महिला को पता होना ही चाहिए.

1. रात में नहीं कर सकते अरेस्ट



सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी महिला को सूरज ढलने के बाद अरेस्ट नहीं किया जा सकता. अमूमन 6 बजे के करीब सूरज ढल जाता है. कई महिलाओं को अपने इस अधिकार की जानकारी ही नहीं. महिला सिपाही भी किसी महिला को रात में अरेस्ट नहीं कर सकतीं. यदि कोई बहुत सीरियस क्राइम है तब भी पुलिस को लिखित में मजिस्ट्रेट को बताना होगा कि आखिर क्यों महिला को रात में ही अरेस्ट करना जरूरी है.

2. प्राइवेसी का अधिकार 

रेप पीड़िता को अपना स्टेटमेंट प्राइवेट जगह पर देने का अधिकार है. ऐसे में सिर्फ मजिस्ट्रेट ही महिला के साथ होते हैं. पीड़ित महिला लेडी कॉन्स्टेबल और पुलिस अधिकारी को भी गोपनीय तरीके से अपना स्टेटमेंट दे सकती है. ऐसे केस में पुलिस महिला को सभी के सामने स्टेटमेंट देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती.

3. कितने भी समय बाद कर सकती हैं कम्पलेंट

कई बार महिला सोसायटी, फैमिली या किसी दूसरे कारण से पुलिस को घटना के समय शिकायत नहीं कर पाती. ऐसे में महिला देरी से भी शिकायत करती है तो पुलिस कम्पलेंट रजिस्टर करने से मना नहीं कर सकती. महिला ईमेल के जरिए भी कम्पलेंट रजिस्टर करवा सकती है.

4. जीरो FIR का अधिकार

रेप पीड़ित महिला को जीरो FIR का अधिकार है. ऐसे केस में महिला किसी भी पुलिस स्टेशन में कम्पलेंट दर्ज करवा सकती है.

5. पूछताछ के लिए बुला नहीं सकते

किसी भी महिला को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन नहीं बुलाया जा सकता. पुलिस महिला से उसके घर पर किसी महिला कॉन्सटेबल की मौजूदगी में ही पूछताछ कर सकती है.

6. गोपनियता का अधिकार

रेप के केस में महिला की आइडेंटिटी की गोपनीयता रखना जरूरी है. पुलिस या मीडिया कोई भी पीड़िता का नाम उजागर नहीं कर सकते.