बदलते मौसम से रहें सावधान, बचने के लिये करें यह उपाय

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गोपालगंज (टीएन मिश्रा): बदलता मौसम और खानपान में लापरवाही के कारण अस्पतालों में सर्दी-जुकाम खाँसी और बुखार के मरीज बढ़ गये हैं. बारिश के बाद फिर तेज के कारण सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. मौसम जनित बीमारियां पांव पसारने लगी है. जिसकी वजह से अस्पताल में डायरिया, मलेरिया, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसमें महिलाओं एवं बीमार बच्चों की संख्या बहुतायत है.

मौसम जनित बीमारियों के कारण सिर्फ सरकारी अस्पताल ही नहीं बल्कि, निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम में भी मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. चिकित्सक इस मौसम में खानपान और बारिश -धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं. रविवार एवं सोमवार को इमरजेंसी वार्ड के सभी बेड मरीजों से भरा हुआ था. डा. अमर कुमार ने इलाज के बाद मरीजों को मौसम में सावधानी बरतने की सला दी है.

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बीमारियों की पहचान और रोकथाम के तरीके
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डायरिया
तीन से अधिक बार पानी के साथ लूज मोशन हो रहा है तो यह डायरिया का मुख्य लक्षण हैं. शिशु रोग विशेषज्ञ डा. पीसी सिन्हा के मुताबिक डायरिया के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इससे शरीर पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. समय और सही इलाज नहीं होने पर जान भी जा सकती है. आमतौर पर डायरिया तीन से सात दिनों तक परेशान करती है इससे बचाव के लिए पानी उबालकर पीएं. घर में सफाई पर विशेष ध्यान रखें. बच्चे को ओआरएस घोल पिलाते रहे.

डेंगू
डेंगू एडीस मच्छर के काटने से होता है. फिजिशियन डा. विकास गुप्ता का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पनपता है. इसीलिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें. बरसात में गमलों, कूलरों, टायर में एकत्रित हुए पानी में यह मच्छर ज्यादा पाया जाता है. डेंगू में बुखार तेज और कमजोरी के साथ चक्कर भी आता रहता है. अगर घर के आसपास जहां पानी जमा हो, तो उसमें केरोसिन तेल डाल दें. रोज घर में कीटनाशक दवा का छिड़काव करें और मच्छरदानी लगाकर ही सोएं.

स्वाइन फ्लू 
यह एच-1 एन-1 वायरस है, जो शरीर के स्वास तंत्र पर वार करता है. हालांकि गोपालगंज में इस बार स्वाइन फ्लू के रोगी नहीं मिले हैं. सामान्य सर्दी-जुकाम व बुखार से ही इसकी शुरुआत होती है. फिजिशियन डा. अशोक कुमार के मुताबिक यदी लापरवाही की गयी तो मरीज वेंटिलेटर तक जा सकता है. यह वायरस हवा में होता है.

इससे बचाव के लिए बार – बार हाथ धोएं, साफ – सफाई पर विशेष ध्यान रखें. तीन दिन में बुखार न उतरे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर दिखाएं.