इस जज्बे को सलाम : रिटायर होने के बाद भी दे रहें बच्चो को शिक्षा

लाइव सिटीज डेस्क/गोपालगंज : सेवा निवृत्त होने के बाद जहां लोग आराम से घर में परिवार के साथ जीवन यापन करना चाहते हैं वहीं इन बुजुर्गों में ऐसा जज्बा है की वह बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं. हथुआ प्रखंड के लच्छीराम गांव के सेवानिवृत्त प्रबुद्ध वर्ग के बुजुर्गों ने मिलकर ‘समझ’ नामक संस्था तैयार किया. और इस संस्था में गांव के बच्चों को सामान्य शिक्षा से लेकर तकनीकी शिक्षा तक देने की व्यवस्था बनाई है.

बता दें की मछागर लच्छीराम गांव के विभिन्न सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं से सेवा निवृत होकर गांव लौटे प्रबुद्ध लोगों ने ग्रामीण बच्चों को निःशुल्क तकनीकी शिक्षा एवं विद्यालय के गृह कार्य में सहयोग देना शुरु कर दिया है. इस कार्य के लिए सेवानिवृत्त लोगों ने बकायदा समझ नामक एक स्वयंसेवी संस्था भी बना डाली है. इस संस्था के तहत गांव तथा इसके आसपास के गांव के बच्चों को निशुल्क कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, चित्रकला, योग एवं  वृक्षारोपण बागवानी एवं विद्यालयों के पाठ्यक्रम से जुड़े वैसे प्रश्नों को बड़े सहजता से समझाना शुरू किया है.

इस संस्था से जुड़े अनूप कुमार ने बताया कि अभी विद्यालयों में सिर्फ बच्चों को रटी रटाई बातें बताई जाती हैं. जो विद्यार्थियों के समझ से परे है. यही कारण है कि बिहार के प्रतिभावान विद्यार्थी अन्य प्रांतों में जाकर सिर्फ अपने उच्च समझ के कारण तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्वल आते हैं. जबकि यहां रटी रटाई शिक्षा पद्धति के कारण होनहार विद्यार्थी भी निराश होकर अन्य प्रांतों तथा अन्य देशों में रोजी रोटी के लिए पलायन करने लगते हैं.

जरूरत है सिर्फ इन विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रमों तथा अन्य सामाजिक क्रिया कलापों के प्रति समझ पैदा करना. इस संस्था से जम्मू सरकार ने वन विभाग के उच्च पद से सेवानिवृत्त होकर आए अभय कुमार के अलावा कई शिक्षक प्रशासनिक पदाधिकारी तथा बैंक अधिकारी भी बड़ी तन्मयता से बच्चों को पढ़ाने समझाने में लगे हैं.

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