नाटक ‘चिथड़ी’ में दिखा झुग्गी-झोपड़ी में जीवन बसर कर रही महिलाओं का दर्द

पटना/फुलवारीशरीफ : सांस्कृतिक संस्था मंथन कला परिषद् के तत्वावधान में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के सौजन्य से प्राख्यात रंगकर्मी आर. पी. वर्मा ‘तरुण’ को समर्पित नाट्य महोत्सव का आयोजन लिटिल चैंप्स विद्यालय, पलंगा, फुलवारीशरीफ में आयोजित किया गया. महोत्सव का समापन मंथन कला परिषद् की सशक्त प्रस्तुति ‘चिथड़ी’ नाटक से हुआ, जिसका निर्देशन वरिष्ठ निर्देशक प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने किया.
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महेंद्र भारती लिखित यह नाटक महिला व एक मां के संघर्ष को दर्शाता है, जिसमे झुग्गी-झोपड़ी में जीवन बसर कर रही महिलाओं की व्यथा-कथा को बड़े ही मार्मिक तरीके से दर्शाया गया. कलाकारों में निकिता प्रकाश, पूजा कुमारी, रजनी कांत, संजीत कुमार, श्याम कांत, अमन कुमार, निखिल प्रकाश ने जीवंत अभिनय से दर्शकों को खूब प्रभावित किया.
वहीं दूसरी प्रस्तुति घर आँगन की ओर से  बजरंगी कुमार द्वारा लिखित नाटक ‘स्वांग-संसार’ का मंचन अमन कुमार के निर्देशन में किया गया. यह नाटक महिला सशक्तिकरण पर आधारित था, जो लड़कियों के कम उम्र में बाल-विवाह से उत्पन्न समस्या को उजागर और उसके समाधान की ओर इशारा करता है. नाटक में बिहार के लोक संस्कृति एवं गीतों का भरपूर उपयोग किया गया.
कलाकारों में राजेश शर्मा, धर्मेन्द्र कुमार, विवेक कुमार, विजयाराज लक्ष्मी, काजल कुमारी, रिमझिम शर्मा ने अपने अभिनय व वहीं संगीत पर शत्रुघ्न सलोना एवं जितेन्द्र कुमार ने प्रभावित किया. सम्बन्ध फाउंडेशन, औरंगाबाद की ओर से नाटक अभिशाप का मंचन किया गया, जिसमें एड्स रोग से बचाव व जागरूकता का सन्देश दिया गया. इस नाटक में कलाकार अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, भीम कुमार, प्रीति कुमारी, हेमा शर्मा, मनीष कुमार ने प्रभावित किया. निर्द्रेशन दीपक कुमार ने किया. अंत में सभी कलाकारों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया.
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